नई दिल्ली । इक्विटी होल्डिंग्स पर केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स उस मुनाफे पर लागू होगा जिसे 1 अप्रैल 2018 के बाद शेयरों की बिक्री के जरिए हासिल किया जाएगा। यह जानकारी खुद केंद्र सरकार ने दी है।


कैपिटल गेन टैक्स 1 अप्रैल से या उसके बाद शेयरों की बिक्री पर लागू होगा, लेकिन कैपिटल गेन की गणना शेयर को खरीदते समय जो उसकी कीमत थी उसमें और 31 जनवरी को बाजार में अधिकतम मूल्य में से जो भी ज्यादा होगा, उसके आधार पर की जाएगी। आपको बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 के बजट में शेयरों की बिक्री के मुनाफे पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगाने की घोषणा की थी, जो कि शेयरों की बिक्री से प्राप्त किए गए मुनाफे पर लागू होगी। वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में एक अप्रैल से एक लाख रुपये से ज्यादा के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 10 फीसद का टैक्स लगाया गया है, हालांकि 31 जनवरी 2018 तक के सभी मुनाफे पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

क्या होता है कैपिटल गेन टैक्स?


कोई भी प्रॉफिट या लाभ जो कि किसी कैपिटल एसेट्स (पूंजीगत परिसंपत्ति) की बिक्री के जरिए प्राप्त किया जाता है उसे कैपिटल गेन कहा जाता है। इस लाभ या मुनाफे पर उस वर्ष कर देनदारी बनती है जब संपत्ति का लेनदेन हुआ हो। हालांकि पैत्रक परिसंपत्तियों पर कैपिटल गेन टैक्स लागू नहीं होता है। क्योंकि ऐसे मामलों में बिक्री नहीं शामिल होती है बल्कि संपत्तियों का स्थानांतरण होता है। हालांकि अगर कोई व्यक्ति ऐसी किसी संपत्ति की बिक्री करता है जो कि उसे पैत्रक रूप से मिली है। तो उस पर उसे कैपिटल गेन टैक्स देना होगा।


कब कब लगता है लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स:

प्रॉपर्टी पर क्या हैं नियम: अगर आप कोई प्रॉपर्टी खरीद कर 36 महीनों के बाद उसे किसी को बेचते हैं तो उस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होगा।


सोने पर भी लागू होता है कैपिटल गेन टैक्स: सोने पर भी कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है। मान लीजिए अगर आपके दादा ने आपको 4 किलो सोना दिया है तो यह आपका हो गया और आपको इस पर कोई भी टैक्स नहीं देना होगा, लेकिन अगर इसे आप किसी को बेचते हैं तो आपको कैपिटल गेन टैक्स देना होगा।


शेयर्स एंड सिक्योरिटी: अगर आप किसी शेयर या सिक्योरिटी को 12 महीने तक होल्ड करके रखते हैं और फिर उसे बेचते हैं तो उस पर भी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होगा।


कैसे बचा सकते हैं लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स: आयकर की धाराओं के तहत कैपिटल गेन टैक्स बचाने की सुविधाएं भी दी गई हैं। आयकर की धारा 54, 54EC और 54F इस मामले में करदाताओं की मदद कर सकती हैं।


अगर आप किसी अचल संपत्ति (हाउस प्रॉपर्टी) की बिक्री करते हैं तो उसके लिए सेक्शन 54 की मदद ले सकते हैं।

सेक्शन 54F की मदद से आप हाउस प्रॉपर्टी के अलावा अन्य एसेट्स की बिक्री पर कर छूट का लाभ ले सकते हैं।