तिरुपति भगवान वेंकटेश्वर मंदिर परिसर में 11 अगस्त से 16 अगस्त तक श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी क्योंकि यहां हर 12 साल में एक विशेष पूजा-अर्चना होती है। मंदिर प्रशासन के मुताबिक, इस दौरान मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान होंगे।


यह अनुष्ठान हर 12 साल बाद अघमास में किया जाता है। इसे अस्ताबंधना बाललया महासंपरोकष नाम से जाना जाता है। मंदिर के उच्‍च पुजारी वैदिक भजनों के उच्‍चारण के बीच जड़ी- बूटियों से बने मिश्रण का प्रयोग अवरोधक के रूप में करेंगे।


अधिकारी ने बताया कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि इस धार्मिक क्रिया के दौरान श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस प्राचीन मंदिर के गर्भ गृह के ढांचे में मामूली बदलाव के लिए अष्टबंधना बालल्या महासमप्रोक्षणम धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है। 


तिरुमाला तिरुपति देवास्थानम बोर्ड (टीटीडी) के अध्यक्ष पुट्टा सुधाकर यादव ने बताया कि टीटीडी बोर्ड ने इस दौरान श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं देने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि हर साल अगस्त के दूसरे हफ्ते में लगभग 5.5 लाख से ज्यादा भक्त मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं। 


इस दौरान मंदिर के सभी रूटों पर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसमें पहाड़ी मंदिर को जाने वाली 10 किलोमीटर लंबी सीढि़यां भी शामिल हैं। इस दौरान भक्‍तों को वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना होगा।