न सिर्फ पुरुष बल्कि आजकल महिलाएं भी बिना किसी घबराहट या शर्मिंदगी महसूस किए अपनी शारीरिक जरूरतों को पूरा करने की कोशिश में लगी रहती हैं। डेटिंग ऐप्स और टिंडर के इस जमाने में कैजुअल सेक्स, वन नाइट स्टैंड और इमोशनलेस सेक्स आम बात हो गई है। वैसे तो बहुत सी लड़कियां अपनी दोस्तों के साथ अपने सेक्शुअल अफेयर के बारे में आसानी से बात कर लेती हैं लेकिन जब बात ऑर्गैज्म की आती है तो इस बारे में बात करने से हर कोई कतराता है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कुछ टिप्स जिसके जरिए आप बिना किसी गिल्ट यानी अपराधबोध की फीलिंग के सेक्स को इंजॉय कर सकती हैं....

सेक्स के दौरान हर बार एक जैसा सबकुछ करने की वजह से कई बार सेक्स से एक्साइटमेंट खत्म हो जाती है लिहाजा इम्प्रूवमेंट की जरूरत होती है और आपसे बेहतर और कौन जान सकता है कि आपको क्या चाहिए। आप जिसके साथ सेक्स कर रहे हैं उसके साथ अगर आपका कोई इमोशनल अटैचमेंट नहीं है तो ऐसे में अपनी जरूरतों को प्रायॉरिटी दें और ऐक्ट के दौरान किसी भी तरह का अपराधबोध मन में फील न करें। अगर आप ऐक्ट को इंजॉय ही नहीं करेंगी तो इसे करने का फायदा क्या होगा?

सेक्शुअल इंटरकोर्स के आखिर में हर कोई जो चाहता है वह है आत्मसंतुष्टि यानी ऑर्गैज्म... हालांकि इन सबके बीच में हम फोरप्ले की अहमियत को कम नहीं आंक सकते। बहुत सी महिलाओं के मन में इस बात का डर रहता है कि अगर वह यह बता देंगी कि वह कौन सी चीज है जिसके जरिए उन्हें ऑर्गैज्म महसूस होता है तो उन्हें बहुत ज्यादा बोल्ड समझा जा सकता है। लेकिन ऐसा नहीं है। आपको जो चीज संतुष्टि देती है उसके बारे में आप जरूर सोचें।

सेक्स आपके लिए भी तभी आनंददायक होगा जब आप जरूरत से ज्यादा सोचने की बजाए इसे खुलकर इंजॉय करेंगी और इंजॉयमेंट तभी हो पाएगा जब आप सामने वाले को खुशी देने से ज्यादा खुशी पाने की कोशिश करेंगी। इस तरह की फीलिंग को इमोशनल अटैचमेंट के लिए छोड़ दें। कैजुअल सेक्स के दौरान आपका ऐटिट्यूड भी कैजुअल ही होना चाहिए।

महिलाएं मल्टिपल ऑर्गैज्म महसूस कर सकती हैं इसलिए सेक्स को रेस बनाकर खत्म करने की जल्दी में न रहें बल्कि एक-एक पल को अच्छी तरह से और अपने हिसाब से इंजॉय करें। अगर आप म्यूचुअल बेनिफिशल रिलेशनशिप में हैं तो आपको भी इसका फायदा जरूर उठाना चाहिए।