नई दिल्ली : आजकल एंटीबायोटिक्स के उपयोग धड़ल्ले से हो रहे है. स्वस्थ हो या फिर बीमार खुद को फिट रखने के लिए लोग एंटीबायोटिक्स का यूज कर रहे हैं. एंटीबायोटिक्स लेते हुए हम अक्सर इसके फायदों को तो पढ़ते हैं, लेकिन इसके नुकसानों को नजरअंदाज करते हैं. एंटीबायोटिक्स के साइड इफैक्ट का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसको सुनने के बाद हर कोई हैरान है. 

दरअसल, वॉशिंगटन में रहने वाली एक 55 वर्षीय महिला को एक्सीडेंट के बाद डॉक्टरों ने एंटीबायोटिक दी. एंटीबायोटिक लेने के कारण पहले महिला की जीभ काली हो गई और उस पर बाल उग गए. सेंट लुइस के डॉक्टरों का कहना है कि महिला को जीभ पर इस तरह की परेशानी इसलिए हुई, क्योंकि पैर में घाव होने की वजह से डॉक्टरों ने उसे माइनोसाइक्लाइन प्रिस्क्राइब की थी. 
क्यों हुई इस तरह की समस्या
सेंट लुइस के डॉक्टरों का ये भी कहना है कि माइनोसाइक्लाइन के साइड इफैक्ट के बारे में न्यू इंग्लेंड जर्नल मेडिसिन में छप चुका है. उन्होंने बताया कि अमूमन यह समस्या उन लोगों को होती है, जो रोजाना अपने दांतों और मुंह की सफाई अच्छे से नहीं करते हैं. 
इलाज के एक महीने बाद हुई जीभ काली
जीभ पर बाल उगने के बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कराया. महिला का इलाज करने वाले डॉक्टरों को कहना है कि उनको माइनोसाइक्लाइन देना बंद कर दिया और महिला को जितना हो सके मुंह साफ रखने और बर्श करने की सलाह दी गई. डॉक्टरों ने बताया कि सही तरह से मुंह की सफाई रखने और ब्रश करने के कारण महिला की जीभ दोबारा नॉर्मल हो गई. 

एंटीबायोटिक्स क्या है?
एंटीबायोटिक्स को एंटीबैक्टिरियल भी कहा जाता है. बैक्टेरियल इंफैक्शन्स से लड़ने के लिए यह बहुत ही शक्तिशाली दवा है. यह अगर उचित तरीके लिया जाय को आपके जीवन को बचा सकता है. लेकिन दूसरी दवा की तरह एंटीबायोटिक्स का भी साइड इफैक्ट होता है.