शादीशुदा जिंदगी में परेशानियां चल रही हो, पति से प्रेम का सुख नहीं मिल पा रहा हो या फिर जिन महिलाओं की शादी बार-बार टूट जाती है, वे अगर हरतालिका तीज पर कुछ उपाय करें तो फायदा हो सकता है। भाद्र पद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज मनाई जाती है। हरतालिका व्रत को हरतालिका तीज या तीजा भी कहते हैं। अखंड सौभाग्य के लिए किया जाने वाला व्रत हरतालिका तीज 12 सितंबर को है।
निर्जल व्रत करने पर विवाह के योग्य कन्‍याओं को मनचाहा वर मिलता है, तो शादीशुदा महिलाओं का वैवाहिक जीवन सुखद होता है। इस दिन रातभर पूजन चलता है और महिलाओं को निर्जला व्रत रखना होता है। मान्यता है कि सबसे पहले इस व्रत को माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए रखा था। इस व्रत में भगवान शिव-पार्वती के विवाह की कथा सुनने का काफी महत्व है। शादी में दिक्कतें आ रही है हरतालिका तीज पर ये उपाय कर सकते हैं:
- कई बार कोशिश करने पर भी शादीशुदा जिंदगी में ऐसे भूचाल आ जाते हैं कि लाख कोशिशों के बावजूद शादी टूट जाती है। अगर किसी के साथ ऐसी स्थिति बन रही है कि शादी बार-बार टूट रही है तो उसे हरतालिका तीज का व्रत करना चाहिए। इस दिन सुबह से ही निर्जल व्रत रखें। पीले कपड़े पहनकर प्रदोष काल में भोलेनाथ के मंदिर दर्शन को जाए। मंदिर में शिवलिंग पर चंदन और जल अर्पित करें। साथ ही पार्वती जी को कुमकुम चढ़ाकर 'ॐ पार्वतीपतये नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। त्रुटिरहित जाप करने के बाद पार्वती जी को चढ़ाया कुमकुम अपने पास रखें। स्नान करके इसी कुमकुम का टीक माथे पर लगाए।

- किन्हीं कारणों से पति के प्रेम से वंचित है या सुख नहीं मिल रहा है तो हरतालिका तीज पर एक उपाय करें। इस व्रत को निर्जल रख कर शाम को सोलह श्रृंगार करके शिव जी के मंदिर जाएं। उन्हें इत्र और जल चढ़ा कर माता पार्वती को सिंदूर और चुनरी अर्पित करें। इसके बाद 'ॐ गौरीशंकराय नमः' का 108 बार जाप करें। जाप करवे के बाद पावर्ती जी को अर्पित की हुई चुनरी में 11 रुपए बांध कर अपने पास रख लें।