रायपुर। पांच बेरोजगारों को मेट्रो रेलवे में नौकरी दिलाने का लालच देकर भनपुरी में रहने वाली महिला ने उनसे 21 लाख 60 हजार रुपये ठग लिए। नौकर नहीं मिलने पर पैसे वापस करने के लिए दबाव बनाने पर महिला ने एक बेरोजगार को चेक दिया जो बाउंस हो गया। पीड़ितों की शिकायत पर खमतराई पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।खमतराई पुलिस ने बताया कि महासमुंद जिले के सांकरा थाना क्षेत्र के ग्राम ढाबाखार, भगत देवरी निवासी किसान कृष्कांत तिवारी (31) पिता लोचन प्रसाद की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2018 में ग्राम जोबा निवासी ओमप्रकाश से उसकी मुलाकात हुई थी। उसने भनपुरी निवासी कल्पना सारथी द्वारा रेलवे में नौकरी दिलवाने की जानकारी दी और कहा कि तीन महीने से रेलवे में काम कर रहा हूं।
ओमप्रकाश के कहने पर वह भी डीएम टावर भनपुरी स्थित घर में कल्पना सारथी से मिला। तब कल्पना ने मेट्रो रेलवे में मिट्टी परीक्षण की नौकरी दिलाने का झांसा देकर सात लाख रुपये और फार्म जमा करने के लिए दस्तावेजों की मांग की। सरकारी नौकरी पाने के लालच में कृष्कांत ने कई किश्तों में कुल 7 लाख रुपये कल्पना को दिए।

ये हुए ठगी के शिकार
महिला ने कृष्कांत तिवारी के अलावा कुंजबिहारी साहू से 4 लाख 40 हजार, ऋषिकेश पटेल से 3 लाख 40 हजार रुपये, दिनेश पटेल से 3 लाख 40 हजार रुपये एवं मुकेश पटेल से 3 लाख 40 हजार रुपये ठग लिए।

दिल्ली लेकर गई थी महिला
पैसे देने के कई दिनों बाद भी नौकरी के संबंध में कोई कार्यवाही न होते देखकर पीड़ित बेरोजगारों ने कल्पना सारथी से संपर्क किया तो सभी को वह रेल मंत्रालय दिल्ली लेकर गई। वहां से भी बेरोजगारों को निराशा हाथ लगी। वापस लौटने पर बेरोजगारों को ठगे जाने का एहसास हुआ।

कल्पना पर पैसे वापस लौटाने का दबाव बनाया तो उसने कृष्कांत तिवारी को एसबीआई का 7 लाख रुपये का चेक थमा दिया। बैंक में चेक जमा करने पर खाते में रकम नहीं होने से वह बाउंस हो गया तब पीड़ितों ने थाने आकर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई।