राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव में को लेकर बीजेपी ने अपनी रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया है. पार्टी अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही वोट मांगेगी.

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को जयपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में यह संदेश दिया. अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा वे निराश न हों. उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री की फोटो लेकर गांव-गांव जाएं, समर्थन मांगें और सरकार के काम गिनाएं. उन्होंने नाराज़ नेताओं को भी कहा कि फिलहाल वे सरकार बनाने के लिए तैयारी में जुट जाएं.

इसके साथ ही शाह ने कार्यकर्ताओं को यह भी बताया कि राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व की जंग है और कार्यकर्ताओं को यह बात लोगों को समझाने के लिए भी कहा. बीजेपी अध्यक्ष ने अशोक गहलोत के बजाय सचिन पायलट पर हमला बोला. उन्होंने कार्यकर्ताओं को यह भी कहा कि प्रदेश में वसुंधरा सरकार ने खूब काम किया है, इसलिए लोगों के पास जाकर सरकार के काम गिनाएं.

राजस्थान में बीजेपी की चिंता राजपूत समेत अपने कोर वोट बैंक की नाराजगी से है. दूसरी ओर दलितों को साधने की रणनीति भी अब तक पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाई है.


बीजेपी अध्यक्ष ने पाकिस्तानी हिंदूओं को घुसपैठिए के बजाय शरणार्थ और बांग्लादेशी घुसपैठियों को  देश से बाहर निकालने की बात कहकर राजस्थान चुनाव में जातियों के ध्रुवीकरण को रोकने की कोशिश की.

राजस्थान के चुनाव को बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने भी शायद चुनौती मानकर पूरी ताकत के साथ उतरने की तैयारी कर ली. ताकि कैडर की ताकत और पीएम के चेहरे के साथ हवा का रुख बदल सके.