सेक्स, एक ऐसा विषय है जिसके बार में इंटरनेट पर समस्याओं के हल से लेकर सुझाव तक की भरमार है। फिर चाहे बात अलग-अलग सेक्स पोजिशन्स की हो, ऑर्गैज्म कैसे हासिल करें इसकी हो या फिर अपनी सेक्स लाइफ को और रोमांचक बनाने के टिप्स....इंटरनेट इस तरह की बातों से भरा हुआ है। लेकिन सेक्स से जुड़ी कुछ अजीबोगरीब बातें ऐसी भी हैं जिनके बारे में जानना तो दूर आपने शायद पहले कभी सुना भी नहीं होगा। तो आगे की स्लाइड्स में पढ़ें और इस विषय में अपनी नॉलेज बढ़ाएं....भले ही इसे पढ़कर आपको हैरानी हो रही हो लेकिन यह सच है कि पुरुषों में भी जी-स्पॉट होता है। पुरुषों का प्रॉस्टेट बेहद संवेदनशील होता है। इसका मतलब है कि इसका इस्तेमाल उत्तेजना बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। अगर आप सोच रहे हैं कि आखिर पुरुषों का जी-स्पॉट होता कहां है तो हम आपको बता दें कि यह ब्लैडर के नीचे होता है।न्यू यॉर्क स्टेट यूनिवर्सिटी ने एक स्टडी करवायी जिसके नतीते बताते हैं कि पुरुषों के प्राइवेट पार्ट से निकलने वाले सीमन में कॉर्टिसोल होता है और यह एक ऐसा केमिकल है जो डिप्रेशन से लड़ने में मददगार है। किसी व्यक्ति के मूड को ठीक करने और उसकी प्यार और चाहत वाली फीलिंग्स को बढ़ाने में कॉर्टिसोल का अहम योगदान होता है।हो सकता है आप इसे पढ़कर थोड़े कन्फ्यूज्ड हो गए हों कि आखिर ऑर्गैज्म और मोजे का क्या संबंध है? लेकिन हम आपको बता दें कि हकीकत यही है कि मोजे पहनने से आपको ऑर्गैज्म हासिल करने में मदद मिल सकती है। कई बार ऐसा होता है कि सही मूव्स के बावजूद कोई व्यक्ति ऑर्गैज्म हासिल नहीं कर पाता और उसकी वजह होती है उसके ठंडे पैर। लिहाजा मोजे पहनें, पैरों को ठंडा रखें और बेहतर ऑर्गैज्म हासिल करें।ज्यादातर महिलाएं इस फीलिंग से वाकिफ होंगी। आपने भी इस बात पर ध्यान दिया होगा कि अक्सर सेक्स के तुरंत बाद आपको ऐसा फील होता है कि आपको पेशाब करने की जरूरत महसूस हो रही है लेकिन टॉइलट जाने के बाद भी आप पेशाब कर नहीं पातीं। सेक्स के दौरान निकलने वाला ऐंटिड्यूरेटिक हॉर्मोन इसके लिए जिम्मेदार है। यह हॉर्मोन ऑर्गैज्म के बाद रिलीज होता है। लेकिन ध्यान रखें कि आप सेक्स के बाद बहुत देर तक पेशाब रोककर न रखें वरना आपको सेक्शुअल इंफेक्शन हो सकता है।बच्चे को जन्म देते वक्त कितना दर्द होता है इसे वह महिला ही महसूस कर सकती है जिसने उस दर्द को फील किया हो। गुड न्यूज यह है कि बच्चे को जन्म देने के दौरान बहुत बड़ी मात्रा में ऑक्सिटॉक्सिन हॉर्मोन रिलीज होता है जो ऑर्गैज्म के लिए भी जिम्मेदार है।