कॉलीग यानी सहकर्मी को डेट करने के फायदे भी हैं और नुकसान भी। जब आप वर्कप्लेस पर अपना सबसे ज़्यादा टाइम बिताते हैं, तो ज़ाहिर है कि आपका कोई न कोई स्पेशल फ्रेंड तो ज़रूर बनेगा ही। या यूं कह लीजिए कि आपको कोई न कोई पहली नज़र में ही भा जाएगा। लेकिन अगर ऑफिस वाली रोमांटिक रिलेशनशिप नहीं चल पाई, तो फिर आप लोगों के बीच हंसी या फिर गॉसिप का पात्र भी बन सकते हैं। अगर आपको ऑफिस में अपने ही सहकर्मी से प्यार हो गया तो इसके लिए कुछ टिप्स हैं जो आपकी नैया पार लगाएंगे:)
सबसे पहला टिप तो यही है कि अगर आपको ऑफिस में कोई पसंद है और उस पर दिल आ गया है तो किसी को भी तुरंत ही इस बारे में न बताएं। खासकर तब जब आप खुद ही अपने उस रिश्ते को परख रहे हों। अपने सहकर्मी को समझने के लिए टाइम लें और जब आप श्योर हो जाएं कि वह आपके लिए एकदम पर्फेक्ट है, तो फिर आप यह सभी को बता सकते हैं। हालांकि ध्यान रखें कि हर ऑफिस की पॉलिसी डेटिंग फ्रेंडली नहीं होती। अगर आपकी रिलेशनशिप मुश्किल दौर से गुज़र रही है, तो जो भी लड़ाई-झगड़े हैं उन्हें ऑफिस के बाद सुलझाएं। अपने रिश्ते की मुश्किलों या फिर नोंक-झोंक को ऑफिस के बाकी लोगों के सामने न आने दें। ऑफिस में पार्टनर के साथ ज्यादा क्लोज़ होकर बैठना या इस तरह की अन्य बातें अवॉइड करें क्योंकि इससे आपकी इमेज पर फर्क पड़ सकता है। 
मौके के हिसाब से बातचीत करें। यानी अगर आप दोनों ऑफिस में हैं तो फिर काम से संबंधित ही ज़्यादा बातें करें। अगर कभी पर्सनल बातें करनी भी पड़ें तो ऑफिशल ई-मेल या फिर चैट का इस्तेमाल भूलकर भी न करें। हो सकता है कि आपके ऑफिश ई-मेल, चैट या फिर फोन नंबर ट्रैक किए जा रहे हों।
हम सभी अपनी पर्सनल लाइफ में किसी न किसी तरह की परेशानी और टेंशन झेलते हैं, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि आप इसे अन्य सहकर्मियों के बीच डिस्कस करें या फिर शिकायत करें। हो सकता है कि उनके बीच आपकी ये प्रॉब्लम्स पीठ पीछे गॉसिप का अच्छा मसाला बन जाएं।
अगर आपको ऐसा लगता है कि आपके कॉलीग के साथ रिलेशनशिप काम नहीं कर पा रहा है या फिर नहीं चलेगा तो फिर आप इसे लेकर बातचीत कर सकते हैं। अगर तब भी लगे कि आपका रिश्ता नहीं चलेगा तो खुशी-खुशी अलग हो जाएं। हालांकि यह काफी मुश्किल है, लेकिन आगे जाकर परेशानी झेलने से बेहतर है कि वक्त रहते ही सही कदम उठा लिया जाए। अगर आप दोनों एक ही टीम में काम कर रहे हैं या फिर एक ही प्रॉजेक्ट संभाल रहे हैं तो हो सकता है कि आप दोनों के बीच कॉम्पिटिशन शुरू हो जाए। इतना ही नहीं, विचारों के लेकर भी असहमति हो सकती है या फिर ऑफिस पॉलिटिक्स का भी आप शिकार हो सकते हैं। अगर कभी ऐसी स्थिति आए, तो एक-दूसरे के साथ बातचीत करें और देखें कि कैसे ऐसे माहौल में एक-दूसरे को आगे बढ़ने में मदद कर सकते हैं। ऐसे मौके को अपने रिश्ते को और मज़बूत बनाने के लिए इस्तेमाल करें।