नई दिल्ली। भाजपा को रोकने के लिए विरोधी दलों की महागठबंधन की कवायद पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि राजनीति किसी को रोकने के लिए नहीं, बल्कि देश को बचाने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा, मुझे इस बात की जानकारी है कि भाजपा को सत्ता से बाहर करने के मकसद से महागठबंधन की कवायद हो रही है। 

एचटी लीडरशिप समिट 2018 में सवालों का जवाब देते हुए गृहमंत्री ने कहा, विपक्ष कोशिश कर रहा है कि किसी भी सूरत में वह सत्ता में आ जाए। हालांकि मायावती के रुख बदलने को लेकर पूछे गए सवाल का सीधा जवाब देने से राजनाथ ने परहेज किया। उन्होंने कहा, यह बहनजी ही बता सकती हैं।
भाजपा रोको, मोदी रोको का प्रयास
गृहमंत्री ने कहा, भाजपा और मोदी को रोकने का प्रयास हो रहा है। लेकिन मेरा मानना है कि राजनीति किसी को रोकने के लिए नहीं होना चाहिए, बल्कि राजनीति करनी है तो देश बचाने के लिए करनी चाहिए। वे हमें सुझाव दें कि हमको क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए। अगर कहीं कोई कमी हो तो आलोचना करें। मायावती के रुख और महाराष्ट्र में शिवसेना से अलग होने की स्थिति में अलग गठबंधन के सवालों का राजनाथ ने सीधा जवाब नहीं दिया।
विवेक हत्याकांड में हो रही कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के विवेक हत्याकांड पर राजनाथ ने कहा, प्रदेश पुलिस ने कार्रवाई की है। हाल में कार्रवाई की है। विवेक तिवारी हत्याकांड बहुत ही दुर्भाग्यूपर्ण है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। उन्होंने कहा, पीड़िता ने राज्य सरकार की कार्रवाई पर संतोष जताया है। 
पीड़िता को धमकी के सवाल पर गृहमंत्री ने कहा, उस संबंध में राज्य सरकार कार्रवाई कर रही है। कानून-व्यवस्था राज्य सरकार का विषय है। मुख्यमंत्री और राज्य के डीजीपी से अपनी बातचीत का हवाला देते हुए गृहमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है।

पुलिस सुधार के लिए  25 हजार करोड़ 
राजनाथ ने कहा कि चौदहवें वित्त आयोग की सिफारिशों में पुलिस आधुनिकीकरण की योजना बंद हो गई थी। लेकिन हमारे अनुरोध पर प्रधानमंत्री ने इसे फिर से शुरू करने को मंजूरी दी। अब हमने एक छतरी योजना तैयार की है। इसके लिए 25 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। केंद्र को राज्य के साथ मिलकर काम करना होता है। हमारी अपेक्षा के मुताबिक काम नहीं हुआ, यह मैं स्वीकार करता हूं। सुधार की जरूरत है।
कश्मीर पंचायत चुनाव में 90% लोग शामिल होंगे 
जम्मू-कश्मीर में असंतोष के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराते हुए राजनाथ ने दावा किया कि इस महीने होने वाले पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय के चुनाव में राज्य के 90 प्रतिशत लोग हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर में 1995 में करीब 6,000 आतंकी घटनाएं हुईं और 2017 में यह घट कर 360 रह गईं। 

प्रयोग सफल नहीं हुआ
उन्होंने भाजपा और पीडीपी के बीच गठबंधन टूटने के बारे में कहा कि पिछले राज्य विधानसभा चुनाव के जनादेश का सम्मान करते हुए दोनों दलों ने हाथ मिलाया, लेकिन प्रयोग सफल नहीं हुआ।

पाक दुनिया में अलग थलग पड़ा
गृहमंत्री ने कहा, हमने हमेशा पाकिस्तान के साथ बेहतर रिश्ते बनाने का प्रयास किया है। लेकिन पाकिस्तान अपना तौर-तरीका नहीं बदल रहा है। वह जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद प्रायोजित करना जारी रखे हुए है। इसलिए वह दुनिया में अलग-थलग पड़ गया है।
आरएसएस के कब्जे का आरोप गलत
देश के महत्वपूर्ण संस्थानों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कब्जे के कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए गृहमंत्री ने कहा, ये आरोप निराधार हैं। कम से कम एक उदाहरण देना चाहिए जिसमें यह हुआ हो। हमने हमेशा देश में हर संस्थान की गरिमा बनाए रखी है। सरकार में योग्यता के आधार पर चयन होता है।

आतंकवाद को धर्म से न जोड़ें
गृहमंत्री ने कहा, आतंकवाद को कभी जाति और धर्म से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। आज दुनिया के इस्लामी देश भी आतंकवाद की निंदा कर रहे हैं। इस्लामी देश भी पाकिस्तान पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा, कट्टरपंथ भी हमारे देश में नहीं बढ़ा, इसके लिए मैं अपने देश के मुसलमानों को बधाई देना चाहता हूं। उन्होंने इस देश में कट्टरपंथ को नहीं बढ़ने दिया।

दिल्ली की प्रगति में रोड़ा नहीं
दिल्ली के बारे में पूछे जाने पर गृहमंत्री ने कहा, दिल्ली की प्रगति में रोड़ा कैसे अटका सकते हैं। संवैधानिक प्रावधानों के हिसाब से ही काम होगा। सरकार चलाने वाले लोगों को भी इस हकीकत को समझना होगा कि दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं है।
कुछ हुआ होगा तभी हमने कहा
बीएसएफ जवान के मारे जाने की घटना पर जवाबी कार्रवाई के दावे को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में राजनाथ ने कहा, मैं एब्सर्ड तो नहीं बोल सकता, कुछ हुआ होगा तभी हमने कहा। हम नहीं चाहते कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में यह चर्चा हो कि हमने कुछ ऐसा कर दिया। 

किसानों से किया वादा पूरा करेंगे
एक सवाल पर राजनाथ ने हंसते हुए कहा, मैं संकटमोचक तो नहीं हो सकता क्योंकि पूंछ नहीं है। सीना खोलकर नहीं दिखा सकता कि मेरे दिल में क्या है। जिन चीजों के बारे में भरोसा दिया गया है उनको पूरा करेंगे। समय-समय पर समीक्षा करते रहेंगे। अगर कोई राजनीतिक दल या राजनीतिक नेता अहंकारी हो तो हल नहीं निकलता है। लेकिन मैंने उनके बीच काम किया है। उनके बीच का हूं, दर्द समझता हूं, समस्याओं को समझता हूं, हल कैसे निकल सकता है यह जानता हूं। इसीलिए उन्होंने मेरा भरोसा किया।

किसानों की माली हालत बदलेगी
गृहमंत्री ने कहा कि आजाद भारत में कृषि पर जितना ध्यान देना चाहिए, उतना नहीं दिया गया। सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता किसान है। लेकिन उसकी समस्याओं के हल के लिए जो किया जाना चाहिए था, वह नहीं किया गया। लेकिन हमारा प्रयत्न जारी है। मोदीजी ने सरकार बनने के एक साल बाद भरोसा दिलाया कि 2022 तक हम किसानों की आय दोगुनी करेंगे। लागत व्यय कम कर रहे हैं। एमएसपी को बहुत बढ़ाया गया है। अगर किसानों की माली हालत बदलती है तो देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
विश्वसनीयता का संकट गहरा नहीं होने देंगे
राजनाथ ने कहा, भारत की राजनीति में विश्वसनीयता का संकट खड़ा हो गया है। इस संकट को हमने चुनौती के रूप में स्वीकार किया है। हम विश्वास का संकट गहरा नहीं होने देंगे। जो कहा है वह करेंगे।

स्मार्ट निगरानी मजबूत
सीमा पर स्मार्ट निगरानी के लिए समग्र व समेकित सीमा प्रबंधन व्यवस्था सीआईबीएमएस के जम्मू में शुरू किए गए पायलट प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए गृहमंत्री ने कहा कि नवंबर में असम के धुबरी में यह प्रोजेक्ट शुरू होगा।