उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को मध्य प्रदेश विधानसभ चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन नहीं करने की बात कही. अखिलेश ने अपना दर्द जाहिर करते हुए कहा कि कांग्रेस ने बहुत इंतजार कराया, लेकिन अब हम उसका इंतजार नहीं करेंगे. बसपा से भी बात करेंगे. उन्होंने कहा कि वोट भले ही कम मिला हो, लेकिन मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी चौथे स्थान की पार्टी है. 

ऐसे में सवाल उठने लगे कि क्या लोकसभा चुनाव 2019 में अखिलेश यादव कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेंगे? इस बड़े सवाल पर अखिलेश ने कहा कि "हम समाजवादी लोग परेशान नहीं करते हैं." 
अब परेशान नहीं करने का मतलब क्या होगा? यह तो आने वाले समय में स्पष्ट होगा. 

अखिलेश ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के शिक्षकों को सम्मानित किया. इस दौरान चुनावी राज्यों में गठबंधन को लेकर उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा, "सपा छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान में चुनाव लड़ेगी. छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे." मध्यप्रदेश में कांग्रेस से गठबंधन न होने पर प्रत्याशी उतारने के सवाल पर अखिलेश ने कहा, "तो क्या सहयोगी दल खुद को खत्म कर ले." 
अखिलेश ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, "साढ़े चार साल पहले स्वदेशी की बात करने वाले और आंदोलन चलाने वाले अब चुप हैं. केंद्र की सरकार ने चीन से सामान आयात करने का लाइसेंस दे दिया है और पूरा मार्केट चीन के सामानों से भरा पड़ा है. अब तो भगवान की मूर्तियां और मिठाई के डिब्बे भी चीन से आने लगे हैं."

राज्यवार होगा विपक्ष का गठबंधन : कांग्रेस
कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि विपक्षी दलों का मकसद नरेंद्र मोदी सरकार को हटाना है, इसलिए वे अपने मकसद हासिल करने के लिए अलग-अगल राज्यों में अपना गठबंधन बनाएंगे और विभिन्न दलों के बीच कोई अंतर्विरोध नहीं होगा. कांग्रेस ने कहा कि मौजूदा सरकार अपने ही लोगों से जूझ रही है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, "अगर उन्हें गठबंधन बनाना होगा तो वे राज्यवार बनाएंगे. कुछ राज्य ऐसे हैं जहां कांग्रेस मजबूत है. कुछ राज्यों में शायद हमें गठबंधन की जरूरत ही नहीं है. लेकिन जिन राज्यों में कांग्रेस उतनी मजबूत नहीं है, वहां हमें सहायक की भूमिका निभानी होगी,"

विपक्षी महागठबंधन की संभावना के संबंध में उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजनीति में हमेशा विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा रहती है. उन्होंने कहा, "इसमें कुछ भी गलत नहीं है. यह कहना कि यह एक ऐसा अंतर्निहित विरोधाभास है कि विपक्ष की पूरी ताकत इसके तले टूट जाएगी, शायद गलत होगा."

 
कहीं महागठबंधन न बन जाए महाटूटगठबंधन
मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में जिस तरह से बसपा-सपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए गठबंधन करने से इनकार किया है, उसको लेकर अब आगामी लोकसभा चुनाव के इन तीनो पार्टियों के महागठबंधन पर भी सवाल उठने लगे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सिर्फ गठबंधन की बात करते रहे हैं लेकिन उनकी ओर से कोई ठोस प्रयास नजर नहीं आ रहे. वहीं, तीनों पार्टियों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर भी सहमति नहीं बनी. अगर ऐसा हुआ तो महागठबंधन की बात केवल हवा में रह जाएगी.