मुंबई : आर्थिक संकट से जूझ रही जेट एयरवेज ने अपने पायलटों, इंजीनियरों और वरिष्ठ प्रबंधन को अगस्त महीने का बकाया वेतन दे दिया, लेकिन उनसे कहा गया है कि सितंबर के वेतन में देरी होगी. विमानन कंपनी को इन कर्मियों के अगस्त महीने के 50 फीसदी बकाया वेतन का भुगतान 26 सितंबर को करना था.

धन की कमी के कारण एयरलाइन उस रकम में से सिर्फ आधे का भुगतान कर पाई. बाकी रकम का भुगतान नौ अक्टूबर को करना था, जो कंपनी ने किया. 

नेशनल एविएटर्स गिल्ड से जुड़े जेट एयरवेज के एक पायलट ने बताया कि उन्हें मंगलवार को अपने वेतन की बकाया 25 फीसदी रकम मिल गई और इस भुगतान के साथ ही एयरलाइन ने अगस्त का पूरा बकाया चुकता कर दिया. लेकिन सितंबर का वेतन नहीं दिया गया है.

जेट एयरवेज के चीफ पीपुल ऑफिसर (सीपीओ) राहुल तनेजा ने पायलटों, एयरक्राफ्ट रखरखाव इंजीनियरों और वरिष्ठ प्रबंधन टीम से कहा है कि मंगलवार को अगस्त 2018 का बकाया वेतन चुका दिया गया है, लेकिन सितंबर 2018 के वेतन में देरी होगी. उन्होंने कहा कि सितंबर का वेतन जल्द से जल्द देने की हरसंभव कोशिश की जाएगी.

मिला 30 करोड़ डॉलर का कर्ज
नकदी संकट से विमानन कंपनी को अगस्त के अंतिम सप्ताह में राहत दिलाने के लिए पट्टे पर अग्रिम प्रोत्साहन और बैंकों से कर्ज के रूप में 30 करोड़ डालर (2,100 करोड़ रुपये) की नकदी प्राप्त हुई थी. कंपनी को जून में समाप्त तिमाही में 1,300 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. इसके साथ ही कंपनी ने कहा है कि वह दो साल में 15% तक गैर ईंधन खर्च बचाएगी ताकि कंपनी को लगातार हो रहे घाटे से उबारा जा सके.