नई दिल्‍ली: मोदी सरकार ने विमान ईंधन पर उत्पाद शुल्क में बड़ी कटौती की है. विमान ईंधन (ATF) पर उत्पाद शुल्क कम कर 11 प्रतिशत कर दिया गया है. ईंधन की ऊंची लागत से प्रभावित विमानन उद्योग को राहत देने के लिय यह कदम उठाया गया है. इससे एयलाइन कंपनियां त्‍योहारी सीजन में हवाई यात्रा कम कर सकती हैं. एटीएफ पर अब तक यह दर 14 प्रतिशत पर थी. यह कटौती 26 सितंबर 2018 से लागू है. जानकारों का कहना है कि एयरलाइन कुछ हफ्तों में हवाई किराया घटा सकती हैं.

दिल्ली में विमान ईंधन की लागत 74,567 रुपये प्रति किलोलीटर
वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राजस्व विभाग ने अधिसूचना जारी कर कहा कि शुल्क में कटौती 11 अक्टूबर से प्रभाव में आएगी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में तेजी और रुपये के मूल्य में गिरावट से जेट ईंधन के दाम इस महीने जनवरी 2014 के बाद उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं. दिल्ली में फिलहाल विमान ईंधन की लागत 74,567 रुपये प्रति किलोलीटर (74.56 रुपये लीटर) और मुंबई में 74,177 रुपये प्रति किलोलीटर है.

एटीएफ की कीमत जुलाई से 9.5 प्रतिशत बढ़ी
एटीएफ की कीमत जुलाई से अब तक 9.5 प्रतिशत बढ़ी है. इसमें पिछले साल जुलाई से वृद्धि हो रही है. जुलाई 2018 को छोड़कर इसमें हर महीने बढ़ोतरी हुई. पिछले साल जुलाई में विमान ईंधन 47,013 रुपये प्रति किलोलीटर था. उसके बाद इसमें 58.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.
राज्‍यों के भी साथ में घटाना होगा शुल्‍क
बिजनेस स्‍टैंडर्ड ने स्‍पाइसजेट के सीएमडी अजय सिंह के हवाले से लिखा कि यात्रियों को इस कटौती का लाभ तभी मिलेगा जब राज्‍य और तेल कंपनियां एकसाथ पहल करें. अगर तेल कंपनियां एटीएफ पर अपना मार्जिन घटाती हैं और राज्‍य भी ऐसा करते हैं तो हवाई यात्रा सस्‍ती करने का रास्‍ता खुल जाएगा. एयरलाइन भी किराए में कमी कर सकती हैं.

अक्‍टूबर की शुरुआत में सरकार ने कम की थी एक्‍साइज ड्यूटी
पिछले सप्ताह सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 1.50 रुपये की कटौती की. वहीं सरकारी तेल कंपनियों से एक रुपये लीटर की कटौती करने को कहा. इसके साथ ही भाजपा शासित राज्यों ने भी वैट में कटौती कर ढाई रुपये प्रति लीटर की राहत दी. इससे इन राज्यों में ग्राहकों को पेट्रोल, डीजल पर पांच रुपये लीटर की राहत मिली.