नई दिल्ली: बीजेपी को उम्मीद है कि उसके नेता और केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर अपने खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर पार्टी द्वारा कोई कदम उठाए जाने से पहले शीर्ष नेतृत्व के सामने अपना स्पष्टीकरण देंगे. पार्टी के सूत्रों ने यह जानकारी दी है . 

पार्टी के एक नेता ने कहा कि विदेश राज्य मंत्री के खिलाफ लगे आरोप गंभीर हैं, लेकिन इसके कई पहलू हैं. यह भी कि उनके खिलाफ कोई भी कानूनी मामला नहीं है. कई विपक्षी दलों ने अकबर के इस्तीफे की मांग की है. कांग्रेस ने कहा है कि उन्हें संतोषजनक जवाब देना चाहिए या इस्तीफा देना चाहिए.

बीजेपी के कुछ नेताओं का मानना है कि अकबर के खिलाफ लगे आरोप आगामी विधानसभा चुनावों और 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की छवि के लिए ठीक नहीं है. खासकर तब, जब पार्टी नरेंद्र मोदी सरकार के महिलाओं के हित में उठाए गए कदमों को रेखांकित कर रही है.संयोग से बीजेपी की महिला इकाई सरकार की महिला समर्थक योजनाओं के प्रचार के लिए शुक्रवार से पांच दिवसीय क्रमिक मैराथन की शुरूआत करेगी.

‘मी टू अभियान’के जोर पकड़ने पर कुछ महिला पत्रकार भी सामने आईं और उन्होंने विदेश राज्यमंत्री एम जे अकबर पर अखबार में उनके संपादक रहने के दौरान यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया.

केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगी एम जे अकबर के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर बृहस्पतिवार को कुछ कहने से इनकार कर दिया. किन्तु, उन्होंने यह जरूर कहा कि उन महिलाओं के साथ इंसाफ होना चाहिए जो अपनी बात रख रही हैं.

अकबर के खिलाफ आरोपों के संबंध में पूछे जाने पर केंद्रीय कपड़ा मंत्री ने कहा,‘बेहतर होगा कि संबंधित सज्जन इस मुद्दे पर बोलें.’ ईरानी ने कहा कि इस बारे में आवाज उठाने वालों को इंसाफ मिलना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह की आवाज उठाने वाली महिलाओं का उपहास नहीं उड़ाया जाना चाहिए.