मध्यप्रदेश और राजस्थान विधानसभा चुनाव में पारदर्शिता की मांग को लेकर दाखिल कांग्रेस की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। इस मामले में मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने याचिकाएं दायर कर मांग की थी कि चुनाव आयोग को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करने के निर्देश दिए जाएं। 


दोनों नेताओं ने मतदाता सूची की सीबीआई जांच की मांग की थी। सुनवाई जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ में हुई।  सोमवार को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट और वीवीपीएटी पर्चियों के सत्यापन के मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। 

 

क्या है मामला: कांग्रेस का दावा है कि मध्यप्रदेश में वोटर लिस्ट में 60 लाख फर्जी मतदाता हैं। इस मामले पर कांग्रेस ने वोटर लिस्ट के रिवीजन के लिए याचिका दायर की थी। इसके बाद मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग को लेकर कांग्रेस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।