करवा चौथ का व्रत शनिवार 27 तारीख को होगा। सुहाग का यह व्रत हर साल कार्तिक के पवित्र महीने में संकष्टी चतुर्थी के दिन यानी कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि को किया जाता है। सुहागनें इस दिन सुबह ब्रह्ममुहूर्त में सरगी खाकर व्रत अरंभ करती हैं। व्रत पूरे दिन का होता। रात में चांद को छन्नी से देखकर व्रत का समापन किया जाता है। इस व्रत में चांद को देखने से पहले व्रतियों को पानी भी नहीं पीना होता है इसलिए इसे निर्जला व्रत कहा जाता है।

सौभाग्य के इस व्रत में इस साल दो बड़े ही शुभ संयोग बने हैं। इस साल सभी प्रकार की सिद्धियों को देना वाला सर्वार्थ सिद्धि योग बना है। इसके अलावा इस शाम अमृत सिद्धि योग भी बना है। इन दोनों योगों के अलावा शुभ संयोग यह भी है कि इस दिन चंद्रमा शुक्र की राशि वृष में होंगे और चंद्रमा पर गुरु की दृष्टि होगी।

ग्रह नक्षत्रों का यह शुभ संयोग इस बात का सूचक है इस इस साल करवाचौथ का व्रत सुहागनों के लिए बहुत ही शुभ फलदायक है। जिनके दांपत्यजीवन में किसी कारण से परेशानी चल रही है उन्हें इस व्रत से प्रेम और दाम्पत्य सुख की प्राप्ति होगी।

शुक्र राशि में चंद्रमा के होने से कई राशियों में प्रेम संबंध प्रगाढ होने का योग बन रहा है। वृष राशि की महिलाओं के लिए इस बार करवाचौथ का व्रत बहुत ही शुभ फलदायी होगा। इनके दाम्पत्य जीवन में आपसी विश्वास, स्नेह और सहयोग बढ़ेगा। संतान के इच्छुक जोड़ों को संतान सुख की प्राप्ति हो सकती है। जिन कुंवारी कन्याओं के विवाह की बात चल रही है वह भी करवचौथ का व्रत रख सकती हैं इससे विवाह का योग प्रबल होगा।

वृष के अलावा मिथुन, कन्या, तुला, वृश्चिक राशि वालों के लिए भी करवाचौथ पर ग्रहों का संयोग शुभ फलदायी है।

करवा चौथ 2018 पूजन का शुभ मुहूर्त:

इस साल करवाचौथ की पूजा का शुभ समय शाम 05 बजकर 36 मिनट से 06 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।

करबाचौथ व्रथ खोलने का समयः

करवाचौथ व्रत चांद को देखकर खोला जाता है। इस साल चंद्रोदय यानी चांद के दिखने का समय दिल्ली में शाम 7 बजकर 58 मिनट है। इस समय चांद को अर्घ्य देकर व्रत खोल सकते हैं।