रायपुर। अमिताभ बच्चन से मिलने का मौका और कौन बनेगा करोड़पति की हॉट सीट तक पहुंचने की तमन्नाा लगभग हर व्यक्ति की होती है। इन्हीं ख्वाहिशों को लिए 11 जून को महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज समता कॉलोनी में नीला बुद्धदेव पहुंचीं। भाग्य ने भी साथ दिया और हॉट सीट पर पहुंचने का मौका मिला।

13 अक्टूबर को मुंबई से नीला को कौन बनेगा करोड़पति के लिए बुलावा आया। अपने पति भरत पी बुद्धदेव और बेटे के साथ नीला पहुंचीं। दो दिनों तक चली शूटिंग में पहले दिन नीला से 16 सवाल किए गए। इसके बाद प्रतियोगिता के अगले चरण में पहुंचकर नीला ने 50 लाख स्र्पये भी जीत लिए।
बेटे ने बताया- मां कैसे पहुंची हॉट सीट पर 

अमिताभ बच्चन से मिलने और केबीसी की हॉट सीट तक पहंुचने के सफर के दौरान अमिताभ बच्चन ने जब नीला से सवाल किया की आपको प्रेरणा कहां से मिली तो उन्होंने जवाब दिया- इसका उत्तर मेरा बेटा आदित्य देगा।
नीला के बेटे ने बताया कि मुझे आईआईटी तक पहुंचाने के लिए मां ने 100 पन्न्े की किताब में से 99 पन्न्े पढ़े। ताकि मुझे इसकी तैयारी करा सकें। उनकी तपस्या का ही नतीजा है कि मैं आईआईटी तक पहुंचा। नीला ने कहा कि बेटे को प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने का फायदा ये हुआ कि आज मैं कौन बनेगा करोड़पति की हॉट सीट पर सवालों का जवाब दे पा रही हूं।

बेहद संंघर्षपूर्ण रहा बचपन 
नीला मूल रूप से एक ट्यूशन टीचर हैं और पिछले 35 वर्षों से बच्चों को ट्यूशन पढ़ा रही हैं। नीला के जीवन संघर्ष की कहानी भी काफी प्रेरक है। उन्होंने बताया कि बचपन में उनका जीवन बेहद संघर्षपूर्ण रहा। उनके तीन भाई थे, जिनकी अचानक मौत हो गई। इसके बाद छोटी उम्र में ही नीला के ऊपर परिवार की जिम्मेदारियां आ गईं।

नीला की शादी के करीब 4 साल बाद उनका बेटा हुआ। बचपन से ही बेटे की आंखें बेहद कमजोर थीं और डाक्टरों का कहना था कि वह ज्यादा आगे तक पढ़ाई नहीं कर सकेगा। नीला ने डाक्टरों की कही बात को चुनौती के रूप में लिया और बच्चे को बढ़ाने और उसे अपने पैर पर खड़ा करने के लिए संघर्ष करती रहीं।
इसका नतीजा यह निकला की उनके बेटे आदित्य ने आईआईटी से अपना ग्रेज्यूएशन पूरा किया और आज अपने पैरों पर खड़ा है। नीला ने केबीसी की हॉट सीट से कुल 14 सवालों के सही जवाब दिए, लेकिन 15वां सवाल जो एक करोड़ स्र्पये का था, उसका जवाब नीला के पास नहीं था। बहरहाल नीला ने एक बड़ी रकम इस प्रतियोगिता में जीती और साथ ही अपने संघर्ष की कहानी के साथ बहुत से लोगों के लिए प्रेरणा भी बन पाई हैं।

इनकी लव स्टोरी भी है कमाल की 
नीला ने स्पर्धा के दौरान अपनी लव लाइफ के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि वे रेडियो सुनने की शुरू से शौकीन रही हैं। 80 के दशक में उन्होंने रेडियो सिलोन पर एक खत सुना। इस खत की भाषा बेहद प्रभावशाली थी।

खत लिखने वाले शख्स जो आज उनके पति हैं, उन्हें नीला ने एक खत लिखा और फिर खतों का सिलसिला लगातार चल निकला। छह साल तक दोनों एक दूसरे को खत लिखते रहे और फिर उनकी मुलाकात हुई। इस पहली मुलाकात के तीन साल बाद नीला और भरत ने शादी रखा ली। आज दोनों एक दूसरे को जीवन के हर एक मोर्चे पर भावनात्मक सहारा दे रहे हैं।