कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ उनकी पार्टी की ओर से कोई चुनावी चेहरा पेश नहीं किया जाना सूबे के प्रमुख विपक्षी दल की रणनीति का हिस्सा है. एक अनौपचारिक बातचीत में राहुल से पूछा गया था कि कांग्रेस ने राज्य में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों में शिवराज के खिलाफ मुख्यमंत्री पद का कोई दावेदार घोषित क्यों नहीं किया? 

अन्य राज्यों में भी कांग्रेस कर रही है इस रणनीति का प्रयोग- राहुल गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष ने जवाब दिया, "हम मध्यप्रदेश की तरह राजस्थान में भी इसी रणनीति (विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित नहीं करना) का इस्तेमाल कर रहे हैं." बहरहाल, मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और राज्य कांग्रेस चुनाव अभियान समिति प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया को विपक्षी दल की ओर से मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जाता है. इस बारे में पूछे जाने पर राहुल ने कहा, "हमारे इन दोनों नेताओं में अपनी-अपनी खूबियां हैं. कमलनाथ के पास विस्तृत राजनीतिक अनुभव है, जबकि सिंधिया युवा और ऊर्जावान नेता हैं. मैं चुनावों में दोनों नेताओं की खूबियों का फायदा उठाना चाहता हूं." 

पैराशूट प्रत्याशियों को नहीं मिलेगा टिकट- कांग्रेस अध्यक्ष
उन्होंने कहा, "अपवाद की बात छोड़ दीजिये. लेकिन, हमने उम्मीदवार चयन की जो चुनावी नीति तय की है, उसके मुताबिक पैराशूट से कांग्रेस में आने वाले नेताओं को टिकट नहीं दिया जायेगा. इसके साथ ही, पिछले विधानसभा चुनावों में तीन से चार बार हारे नेताओं को भी कांग्रेस का चुनावी टिकट आम तौर पर नहीं मिलेगा." आसन्न विधानसभा चुनावों में भाजपा के सामने मध्यप्रदेश में लगातार चौथी बार जीत हासिल करने की चुनौती है, जबकि कांग्रेस राज्य की सत्ता से पिछले 15 साल का वनवास खत्म करने की कोशिश में जुटी है. 

कांग्रेस के पास नहीं है कोई दमदार नेता- बीजेपी
कांग्रेस में गुटबाजी के आरोप लगाते हुए बीजेपी अपने जारी चुनाव प्रचार में बराबर यह दावा कर रही है कि सूबे के प्रमुख विपक्षी दल के पास ऐसा कोई दमदार नेता नहीं है, जो मुख्यमंत्री पद की जंग में शिवराज के खिलाफ ठहर सके.