भोपाल ।  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल कान्ता राव ने बताया है कि प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन 2018 को दृष्टिगत रखते हुए मतदान केन्द्र, मतदान कर्मी, मतदान में उपयोग होने वाली सामग्री की सुरक्षा एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। इस संबंध में प्रदेश में उपलब्ध पुलिस बल एवं सशस्त्र सुरक्षा बल के अतिरिक्त प्रदेश के बाहर से भी केन्द्रीय सुरक्षा बल उपलब्ध कराया जाएगा। वर्तमान में प्रत्येक जिले की सुरक्षा व्यवस्था का प्लान तैयार कर लिया गया है। विधानसभा निर्वाचन 2018 में 650 केन्द्रीय सुरक्षा बल की कंपनियां तैनात होंगी। राज्य की सीमा पर अवैध शराब, अवैध हथियार एवं असामाजिक तत्वों की रोकथाम के लिये केन्द्रीय सुरक्षा बलों का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही, एरिया डोमिनेशन, बॉर्डर पेट्रोलिंग एवं मतदाताओं में कॉन्फिडेंस बिल्डिंग के लिये भी केन्द्रीय सुरक्षा बल का उपयोग किया जाएगा।
विधानसभा निर्वाचन की तैयारियों के प्रारंभिक चरण से ही तकनीक का समुचित उपयोग किया जा रहा है। विधानसभा निर्वाचन के दौरान 20 प्रतिशत अर्थात लगभग 14,000 मतदान केन्द्रों पर वेबकास्टिंग अथवा सीसीटीवी की व्यवस्था की जाएगी। इससे मतदान दिवस पर मतदान केन्द्र पर होने वाली गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जा सकेगी।
कांता राव ने बताया कि विधानसभा चुनाव में 198 सामान्य प्रेक्षक, 53 पुलिस प्रेक्षक, 127 व्यय प्रेक्षक और 2 सुगम्य प्रेक्षक नियुक्त किये गये हैं। सामान्य और पुलिस प्रेक्षक अनिवार्य रूप से 9 नवम्बर तक पदस्थ स्थानों पर पहुँच जाएंगे। व्यय प्रेक्षक 2 नवम्बर को ही कार्यस्थल पर उपस्थित हो चुके हैं। प्रेक्षकों की सूची सीईओ मध्यप्रदेश की वेबसाईट पर भी उपलब्ध है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 2 नवम्बर से अभी तक प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन के लिये नामांकन प्राप्त हो रहे है। अभ्यर्थियों द्वारा शपथ पत्र (फार्म 26) जमा किया जा रहा है। शपथ पत्र में दी गयी जानकारी आम जनता के लिये सीईओ मध्यप्रदेश की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
13-14 नवम्बर को प्रदेश में रहेंगे मुख्य चुनाव आयुक्त
कान्ता राव ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त एवं चुनाव आयुक्त द्वय 13 एवं 14 नवम्बर को प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। आयोग 13 नवम्बर को इंदौर में उज्जैन, इंदौर और नर्मदापुरम संभाग की समीक्षा करेगा। इसी दिन आयोग द्वारा होटल जहानुमां पैलेस भोपाल में शाम 7:30 बजे से राजनैतिक दलों के साथ बैठक की जाएगी। मिन्टो हॉल, भोपाल में 14 नवम्बर को चम्बल, रीवा, शहडोल, जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर और सागर संभाग की निर्वाचन गतिविधियों की आयोग द्वारा समीक्षा की जाएगी।
विधानसभा निर्वाचन 2018 के मान्यता और गैर मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों की स्टार प्रचारकों की सूची सीईओ मध्यप्रदेश की वेबसाईट पर उपलब्ध रहेगी। मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल द्वारा 40 और पंजीकृत दलों द्वारा 20 स्टार प्रचारकों के नाम 9 नवम्बर तक आयोग को प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सी-विजिल मोबाईल एप्प बनाया गया है। इस पर निरन्तर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। अभी तक सबसे अधिक 102 शिकायतें सागर जिले से प्राप्त हुई हैं। प्रदेश में कुल 1046 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसमे से 1008 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है।