मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा का टिकट वितरण ही भाजपा के लिए घातक सिद्ध होता नज़र आ रहा है. टिकट कटने से बीजेपी के कई दिग्गज तक नाराज हो गए हैं, जिन्हें मनाने के लिए पार्टी को काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है और अगर ये नाराज नेताजी नहीं माने तो मध्य प्रदेश में इस बार पार्टी के सामने बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं. मंडला जिले की बिछिया विधानसभा सीट से रहे बाहुबली विधायक पंडित सिंह धुर्वे भी कुछ इसी तरफ इशारा कर रहे हैं. टिकट कटने से नाराज धुर्वे बागी हो गए हैं और सैंकड़ों कद्दावर कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का अल्टीमेटम दे चुके हैं.

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर मची उठा-पटक थमने का नाम नहीं ले रही है. इसी क्रम में बीजेपी ने अपनी दूसरी सूची जारी कर दी. इस सूची में मंडला जिले की बिछिया विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक की टिकट काटकर इलाके में पैराशूट यानी शिवराज शाह की लैंडिग कराई गई है. सूची जारी होने के कुछ देर बाद ही विरोध के स्वर भी तेजी से गूंजने लगे हैं. वर्तमान विधायक धुर्वे बागी होकर खुलकर प्रत्याशी बदलने की बात कह रहे हैं. विधायक अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ जिला कार्यालय पहुंचे और घेराव किया. धुर्वे ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर पार्टी प्रत्याशी नहीं बदलती है तो सभी कार्यकर्ता इस्तीफा देगर किसी एक को निर्दलीय चुनाव लड़ा सकते हैं.

मंडला में बीजेपी टिकट वितरण की दूसरी सूची जारी होने के बाद बागियों की संख्या में बढोतरी हो रही है. विधायक पंडित सिंह धुर्वे, पूर्व जिला अध्यक्ष एवं वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष विजेंद्र सिंह कोकाड़िया, जिला पंचायत सदस्य सरस्वती मरावी, जनपद सदस्य नीतू मरकाम, जिला पंचायत सदस्य नीरज मरकाम, मंडी अध्यक्ष सुनील नामदेव सहित सैंकड़ों कार्यकर्ता बागी हो गए हैं.

कई विधायक अपना टिकट काटे जाने पर नाराज है तो कई टिकट नहीं मिलने पर पार्टी छोड़ रहे हैं. व्यापक पैमारे पर नजर आ रही इस बगावत से पार्टी नेतृत्व भी सकते में हैं. पार्टी इसके लिए डैमेज कंट्रोल में जुट गई है. बहरहाल, देखना यह है कि बागी नेताओं को पार्टी कितना मना पाती है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.