भोपाल ।  कांग्रेस पोल खोल अभियान समिति के अध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने चुनाव आयोग से शिकायत की है कि जन अभियान परिषद और भाजपा द्वारा एक एप ‘‘जनमत डाट एपीके’’ (रंदउंजण्ंचा) विकसित किया गया है जिसके माध्यम से भाजपा के लिये सर्वे किया जा रहा है। 
गुप्ता ने शिकायत की है कि मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के अंतर्गत जन अभियान परिषद में पंजीकृत प्रदेश भर के तीस हजार विद्यार्थी इस ‘एप’ के माध्यम से भाजपा और उसके प्रत्याशियों की संकलित की गयी जानकारी सहित सर्वे रिपोर्ट मुख्यालय में भेज रहे हैं। यह रिपोर्ट वे शासन द्वारा विद्यार्थियों को मुफ्त में बांटे गये मोबाइल फोन के जरिये भेज रहे हैं। यह ‘एप’ परिषद के उपाध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय और कार्यपालक निदेशक डाॅ0 धीरेन्द्र पाण्डेय द्वारा सारे विद्यार्थियों को समन्वयकों के माध्यम से भेजा गया है। परिषद के दोनों पदाधिकारियों द्वारा प्रदेश भर में ब्लाक, जिला और संभाग लेवल पर नियुक्त समन्वयकों के माध्यम से सत्ताधारी दल भाजपा का प्रचार किये जाने की शिकायत पूर्व से ही चुनाव आयोग में करने के बाद भी उनके द्वारा भाजपा का प्रचार लगातार जारी है। गुप्ता ने अपनी शिकायत मुख्य चुनाव आयुक्त ओ.पी. रावत और मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन वी.एल. कांताराव से की है।
गुप्ता ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि विगत 22 अक्टूबर को परिषद ने ‘राजा भोज एकल अभियान समिति’ के बैनर तले संतों का समागम हिन्दी भवन में जन अभियान परिषद के समन्वयकों और मेंटर्स के माध्यम से कराया गया था। कांगे्रस ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की थी। आयोग ने राजा भोज एकल अभियान समिति के संचालक राजेश तिवारी के विरूद्व एफआईआर करने के निर्देश तो दिये हैं, किंतु असली कर्ताधर्ता परिषद के उपाध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय और ईडी डॉ. धीरेन्द्र पाण्डेय के विरूद्व कार्यवाही करने के कोई निर्देश नहीं दिये। मतदाताओं को अपने पक्ष में वोट करने के लिये प्रलोभन देना भारतीय दण्ड विधान की धारा 171बी और 171 ई का अपराध है। दोनों के द्वारा किया गया यह कृत्य उल्लेखित धाराओं के अंतर्गत दण्डनीय है। इनके विरूद्व भी कार्यवाही की जाये।