जयपुर । जब फिजाओं में लोकतंत्र के तराने घुलने लगे तो मानो हवाएं भी मतदान के लिए मचलने लगी। सरगम के सातों सुर प्रजातंत्र का बखान करने लगे तो सुरमई शाम में ‘मतदान करो‘ का संदेश बिखरने लगा। सुरों से सराबोर यह नजारा था रामनिवास बाग स्थित मसाला चौक का जहां निर्वाचन विभाग द्वारा राज्य स्तरीय स्वीप कार्यक्रम के तहत सांस्कृतिक संध्या ‘लोकतंत्र के रंग-संगीत के संग‘ का आयोजन किया जा रहा था।
इस कार्यक्रम में राज्य स्तर के मशहूर कलाकारों के अलावा प्रदेश के सभी सात संभागों से चयनित जिलों द्वारा स्वीप से जुड़े कलाकारों और प्रतिभागियों ने स्वीप से जुड़े मतदाता जागरूकता संबंधी गीत और संगीत की रंगारंग प्रस्तुतियां दी। अजमेर से आए कलाकारों ने ‘मतदान करो-अपनी सरकार चुनो‘ नाटक के जरिए मतदान का महत्व बखूबी आमजन को समझाया। इस दौरान सोलो डांस ‘काल्यो कूद पड्यो‘ भी प्रस्तुत किया गया। बारां और बाड़मेर से जहां जिले भर के लिए बनाई स्वीप प्रस्तुतियां प्रदश्रित की वहीं राज्य स्तरीय कलाकारों द्वारा घूमर का आयोजन भी किया गया। भरतपुर से नानकचंद शर्मा द्वारा मतदान के लिए प्रेरित करने वाले गीत ने माहौल में और भी जोश से भर दिया। इस दौरान चित्तौडग़ढ़ से आए 28 कलाकारों ने सरगम सप्ताह के गाने पर नृत्य किया और स्वीप से जुड़ा गीत भी प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में चुरू के मतदान गीत और भोपा नृत्य ने दर्शकों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया।