नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मेरठ मंडल से जुड़े बुलंदशहर जनपद में कथित तौर पर गोकशी के बाद मचे बवाल में गुस्साई भीड़ ने स्याना थाने के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्थर या किसी भारी वस्तु मार कर हत्या करने का मामला राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इस घटना के बाद यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा, 'यह हैरान करने वाला मामला है कि अखलाक घटना की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी की हत्या हुई थी. जनता को किसने अधिकार दिया है कि वह कानून को अपने हाथों में लें? अपना राज्य देखने के बजाय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तेलंगाना जा रहे हैं और जहर फैला रहे हैं.'

वहीं समाजवादी पार्टी के आधिकारिक ट्विटर पेज से हुए ट्वीट में कहा गया है कि बुलंदशहर हिंसा में इंस्पेक्टर की मौत, बेहद शर्मनाक और दु:खद. यूपी जल रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री जी और भारतीय जनता पार्टी फिलहाल देवी-देवताओं की जाति ढूंढने में व्यस्त हैं.
उधर, इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंसा पर दुख व्यक्त किया और इस घटना में शहीद हुए पुलिस इंस्पेक्टर के परिजन को कुल 50 लाख रुपए की सहायता का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने दो दिन के अंदर मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश भी दिया है.
मुख्यमंत्री ने इस सिलसिले में देर रात एक बयान जारी किया. उन्होंने बुलंदशहर के चिंगरावठी इलाके में गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिलने को लेकर उग्र भीड़ द्वारा की गयी हिंसा में स्याना के कोतवाल इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह तथा स्थानीय निवासी सुमित की मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया.
उन्होंने शहीद पुलिस अफसर की पत्नी को 40 लाख रुपए और उनके माता को 10 लाख रुपए की सहायता की घोषणा की. साथ ही आश्रित परिवार को असाधारण पेंशन और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया है.
योगी ने अपर पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना) एस0बी0 शिरडकर को तत्काल मौके पर जाकर दो दिन में पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि जांच रिपोर्ट में घटना के कारणों तथा दोषी व्यक्तियों का विवरण भी शामिल किया जाए.