नई दिल्‍ली: राजस्‍थान का शेखावटी इलाका कभी किसी एक राजनीतिक दल का गढ़ बना और न ही वहां के मतदाता किसी प्रमुख राजनीतिक दल तक केंद्रित रहे. चुनाव जीतने के बाद जिस विधायक ने वादा खिलाफी की, अगले चुनाव में मतदाताओं ने उससे अपना समर्थन छीन लिया. बीते विधानसभा चुनावों में ऐसा भी देखने को मिला है कि शेखावटी के मतदाताओं ने बीएसपी, सीपीएम और निर्दलीय प्रत्‍याशियों को वरीयता देकर बीजेपी और कांग्रेस जैसी राष्‍ट्रीय पार्टियों को हांसिये में खड़ा कर दिया. 

राजस्‍थान विधानसभा चुनाव 2013 की बात करें तो शेखावटी इलाके की 21 सीटों में बीजेपी का बहुमत रहा. इस चुनाव में बीजेपी को 12, कांग्रेस को 4, बीएसपी को 2 और निर्दलीय प्रत्‍याशियों को 3 सीटों पर जीत मिली थी. वहीं विधानसभा चुनाव 2008 में स्थिति इससे बिल्‍कुल उलट थी. इस चुनाव में 11 सीटों के साथ कांग्रेस शेखावटी में बहुमत  में थी. 2008 में इस इलाके से बीजेपी को महज 6 और बीसपी को 4 सीटें मिली थीं. वहीं 2003 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस ने 8-8 सीटों पर जीत हासिल कर बराबरी पर रहीं.  

इस बार 276 प्रत्‍याशी आजमा रहें हैं अपना भाग्‍य
राजस्‍थान विधानसभा चुनाव 2018 में शेखावटी इलाके से कुल 276 प्रत्‍याशी चुनावी मैदान में आमने सामने हैं. सीकर से सर्वाधिक 106 प्रत्‍याशी मैदान में हैं. वहीं झूंझनू से 92 और चूरू से 78 प्रत्‍याशी विधानसभा चुनाव में अपनी किस्‍मत आजमा रहे हैं. शेखावटी इलाके के अंतर्गत आने वाली 10 सीटों पर कांग्रेस और बीजेपी के लिए बागियों और अन्‍य दलों के प्रत्‍याशियों ने मुकाबला त्रिकोणीय कर दिया है. इन सीटों में सीकर की 5, झुंझुनूं की 3 सीटों और चूरू की 2 विधानसभाएं सीट शामिल हैं.  
शानदार हवेलियों के लिए विख्‍यात है राजस्‍थान का शेखावटी क्षेत्र
शेखावट का क्षेत्र राजस्‍थान के सीकर, झूंझनी और चूरू जिले तक फैला हुआ है. अतीत में इस इलाके में राजस्‍थान के शेखावत क्षत्रियों का शासन था. शेखावाटी प्रदेश की नींव शेखावत शासक महाराव शेखा ने की. महाराव शेखा के शासन काल में ही इस क्षेत्र को शेखावट के नाट से पुकारा जाने लगा. शेखावटी को महाराव शेखा का घर भी कहा जाता है. राजस्‍थान का शेखावटी इलाका शानदार हवेलियों के लिए भी विख्‍यात है. इन हवेलियों में वास्तुशिल्प की अद्भुत कला देखी जा सकती है. 

शेखावट में है ऐतिहासिक, पौराणिक और धार्मिक स्‍थलों का अद्भुत संगम
राजस्‍थान का शेखावट इलाके में आपको ऐतिहासिक, पौराणिक और धार्मिक स्‍थलों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा. शेखावट के प्रमुख ऐतिहासिक इलाकों में सेठानी का जोहड़ा, कन्‍हैया लाल बागला की हवेली, अष्‍टखंभा छतरी, रतनगढ़ किला, लक्ष्‍मण किला, फतेहपुर, रामगढ, खेतड़ी महल, सनसेट पॉइंट मोडा पहाड़ आदि शामिल हैं. शेखावट के धार्मिक स्‍थलों में मनसा देवी मंदिर, रघुनाथ जी मंदिर, रानी सती मंदिर, हजरत कमरूद्दीन शाह की दरगाह, श्री पंचदेव मन्दिर, बंदे के बालाजी मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर और दिगंबर जैन मंदिर मंदिर शामिल है. इसके अलावा, ताल छापर अभ्यारण्य, डून्डलोद और अलसीसर यहां के प्रमुख पर्यटक स्‍थलों में शामिल है.