जम्मू: जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने मंगलवार को जम्मू एंड कश्मीर बैंक के कर्मचारियों की चिंता दूर करने का प्रयास करते हुए कहा कि संस्थान की स्वायत्तता और परिचालन स्वतंत्रता की रक्षा करना राज्य प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है.  एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मलिक ने यहां उनसे मिलने आए बैंक कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को यह आश्वासन दिया.

पिछले महीने राज्यपाल की अध्यक्षता वाली राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) ने जम्मू एंड कश्मीर बैंक लिमिटेड को एक पीएसयू के रूप में मानने, इसे सूचना का अधिकार कानून के दायरे में लाने, मुख्य सर्तकता आयुक्त के दिशा-निर्देशों एवं राज्य की विधायिका के दायरे में लाने संबंधी एक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. एसएसी के इस कदम का मुख्यधारा के राजनीतिक दलों, अलगाववादियों और व्यापार संगठनों ने व्यापक आलोचना की थी.

राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल से कहा,‘जहां तक पीएसयू मामले का सवाल है तो आरबीआई जम्मू एंड कश्मीर बैंक का नियमन एक पुरानी पीढ़ी के निजी क्षेत्र के बैंक की तरह करता है. इसका नियमन रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज द्वारा किया जाता है क्योंकि कंपनी कानून के तहत यह एक सरकारी कंपनी है. सेबी इसका नियमन एक सूचीबद्ध कंपनी के तौर पर करता है. आरबीआई, सेबी और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज द्वारा इसका नियमन जारी रहेगा. न तो कोई बदलाव किया जा रहा है और न ही ऐसा कोई विचार है.’