नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लगातार संघर्ष कर रहे केएल राहुल एक बार फिर फ्लॉप रहे. वे एडिलेड टेस्ट में महज आठ गेंदों का सामना कर पाए और दो रन बनाकर आउट हो गए. उनकी इस खराब फॉर्म की वजह से भारत को पहले टेस्ट मैच में अच्छी शुरुआत नहीं मिल सकी. केएल राहुल जब आउट हुए, तब भारतीय टीम का स्कोर महज तीन रन था. वे जोश हेजलवुड की गेंद पर एरॉन फिंच के हाथों स्लिप में लपके गए. 26 साल के लोकेश राहुल ने इस साल आखिरी फिफ्टी एशिया कप में अफगानिस्तान के खिलाफ लगाई थी. उन्होंने 25 सितंबर को खेले गए इस मैच में 60 रन बनाए थे. 

ओपनर केएल राहुल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लगातार संघर्ष कर रहे हैं. यह उनका इस दौरे पर चौथा मैच है. वे इससे पहले तीन टी20 मैचों की सीरीज में सिर्फ 27 रन ही बना सके थे. उन्हें टी20 सीरीज में दो पारियों में ही बैटिंग करने का मौका मिला. सीरीज का दूसरा टी20 मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था. 

विंडीज के खिलाफ भी खराब खेल 
राहुल सिर्फ ऑस्ट्रेलिया ही नहीं, वेस्टइंडीज के खिलाफ भी रन नहीं बना पाए थे. वे विंडीज के खिलाफ तीन टी20 मैच और दो टेस्ट मैच में टीम इंडिया का हिस्सा थे. उन्होंने तीन टी20 मैच में 59 रन बनाए थे. वे पहले मैच में 16 और तीसरे मैच में 17 रन बनाकर आउट हुए थे. दूसरे टी20 मैच में 26 रन बनाकर नॉटआउट रहे थे. इसी तरह उन्हें दो टेस्ट मैचों में तीन बार बैटिंग का मौका मिला था. वे एक बार खाता नहीं खोल सके थे. एक बार चार रन बनाकर आउट हुए थे और एक बार 33 रन बनाकर नॉटआउट रहे थे. 
14 टेस्ट पारियों में सिर्फ एक फिफ्टी 
केएल राहुल टेस्ट मैचों में लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने पिछली 14 टेस्ट पारियों में सिर्फ एक बार 50 रन का आंकड़ा पार किया है. हालांकि, तब वे शतक बनाने में कामयाब रहे थे. उन्होंने यह पारी इंग्लैंड के खिलाफ ओवल टेस्ट में खेली थी. तब उन्होंने 149 रन की पारी खेली थी. वे संभवत: इसी पारी की वजह से टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे थे. राहुल ने इस शतक के बाद चार  टेस्ट पारियां खेली हैं, जिनमें उनका स्कोर 0, 4, 33* और 2 रन है. 

पिछले 18 साल में 32 टेस्ट खेलने वाले देश के पांचवें ओपनर 
केएल राहुल भारत के उन खिलाड़ियों में शामिल है, जिन्हें बेहद प्रतिभाशाली माना जाता है. इस मैच से पहले ही ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क ने कहा कि वे राहुल को विराट कोहली के बाद टीम इंडिया का सबसे बेहतरीन बल्लेबाज मानते हैं. राहुल पिछले 18 साल में सिर्फ पांचवें भारतीय ओपनर हैं, जिन्हें 32 या इससे अधिक टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला है. उनके अलावा वीरेंद्र सहवाग (103), मुरली विजय (60), गौतम गंभीर (58) और शिखर धवन (34) ही ऐसे ओपनर हैं, जिन्होंने साल 2000 के बाद 32 टेस्ट मैच खेले हैं. 

2018 में 11 टेस्ट में 422 रन ही बना पाए 
केएल राहुल ने साल 2011 में 11 टेस्ट मैच खेले हैं. वे इन मैचों की 19 पारियों में 23.44 की औसत से महज 422 रन बना पाए. वे इस साल सिर्फ एक शतक और एक अर्धशतक लगा सके हैं. उनकी यह खराब फॉर्म टीम इंडिया की चिंता बढ़ा सकती है. ऐसा इसलिए भी होगा, क्योंकि इस दौरे पर भारत के तीसरे ओपनर पृथ्वी शॉ चोटिल हैं. उनके दूसरे टेस्ट में भी खेलने की उम्मीद बेहद कम है.