जयपुर । राजस्थान पुलिस ने निष्पक्ष, निर्विघ्न एवं शान्तिपूर्ण विधानसभा चुनाव सम्पन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाएं की हैं। सभी मतदान केन्द्रों पर पुख्ता पुलिस व्यवस्था के साथ ही संवेदनशील पाये गये 7 हजार 791 बूथों पर केन्द्रीय पुलिस बलों का जाप्ता तैनात किया जा रहा है।  
त्रिस्तरीय पर्यवेक्षण व्यवस्था के तहत प्रत्येक दस बूथों पर एक पुलिस मोबाईल पार्टी, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्रों के तीन भागों में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अथवा उपअधीक्षक स्तर के अधिकारी को तैनात किया गया है।  
पैरामिलिट्री की 640 कम्पनियां 
पुलिस महानिदेशक ओ.पी. गल्होत्रा ने बताया कि चुनाव बंदोबस्त में कुल 1 लाख 44 हजार 941 कॉन्स्टेबल,हैड कॉन्स्टेबल व एएसआई तथा लगभग 1500 पुलिस अधिकारीगण तैनात किये गये हैं। उन्होंने बताया कि पैरामिलिट्री की 640 कम्पनियों को एवं पडौसी राज्यों से आये 13 हजार होमगार्ड वॉलनटियर्स को भी तैनात किया गया है। लगभग 11 हजार बूथों पर वेब कास्टिगं, वीडियो ग्राफी अथवा माइक्रोऑबजर्वस के माध्यम से कडी निगरानी की जायेगी।  
प्रदेश भर में 600 क्विक रेसपोन्स टीम 
 श्री गल्होत्रा ने बताया कि अपराधी तत्वों तथा समाज कंटको के आवागमन को रोकने तथा चुनाव सम्बन्धित अपराधों की रोकथाम के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तीन-तीन लाईगं स्कावड तथा तीन स्टैटिक पुलिस पार्टियां अनवरत 24 घण्टे तैनात रहेगी। इन सभी में सेन्ट्रल पैरामिलिट्री फोर्स शामिल होगी। साथ ही चुनाव व कानून व्यवस्था सम्बन्धित किसी भी चुनौती से निपटने के लिए प्रदेश भर में 600 क्विक रेसपोन्स टीम तैनात की जा रही है। प्रदेश के बाहर से अपराधियों के मूवमेंट को रोकने के लिए अर्न्तराज्यीय सीमाओं पर प्रभावी नाकाबन्दी शुरू कर दी गई है। पडौसी राज्यों के पुलिस बल भी अर्न्तराज्यीय सीमाओं पर नाकाबन्दी कर इसमें पूर्ण सहयोग कर रहे है। 
सोशल मीडिया पर चुनाव सम्बन्धित कानूनी प्रावधानों की जानकारी 
 पुलिस महानिदेशक ने बताया कि राजस्थान पुलिस के सोशल मीडिया पर चुनाव सम्बन्धित कानूनी प्रावधानों की आवश्यक जानकारी देने के साथ ही बॉलीवुड के प्रसिद्ध डॉयलाग्स के माध्यम से आमजन को मतदान के लिए प्रेरित और जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान पुलिस में शान्तिपूर्ण चुनाव कराने के लिए जून माह से ही आवश्यक तैयारियां प्रारम्भ कर दी थी।     
1,59,837 हथियार जमा 
श्री गल्होत्रा ने बताया कि अपराधियों, समाज कंटकों, शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की गई है। उन्होंने बताया कि एक जून से 30 नवम्बर तक एनडीपीएस के तहत 1005 मामले दर्ज किये गये एवं 1374 व्यक्तियों को गिरतार कर लगभग 55 हजार किलोग्राम मादक पदार्थ जप्त किये गये।  आरपीजीओ एक्ट के तहत 10745 मामले दर्ज करने के साथ ही 19149 को गिरतार किया  
गया तथा 3 करोड से अधिक राशि जप्त की गई। इस दौरान कुल आर्म्स में से 91 प्रतिशत अर्थात 1,59,837 हथियार जमा किये गये।  
2,11,869 नॉन बेलेबल वारन्टस का एग्जेक्यूशन 
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि 2 लाख 11 हजार 869 नॉन बेलेबल वारन्टस का एग्जेक्यूशन किया जा चुका है। आर्म्स एक्ट के तहत 3695 मामले दर्ज करने के साथ ही 3653 को गिरतार किया गया तथा 4156 आर्म्स सहित सम्बन्धित सामग्री जप्त की गई। एक्साईज एक्ट के तहत 9990 मामले दर्ज कर 10209 को गिरतार  करने के साथ ही 10 लाख लीटर से अधिक अवैध शराब जप्त की गई।  
3,88,276 व्यक्तियों को किया पाबन्द 
श्री गल्होत्रा ने बताया कि सभी जिला पुलिस अधीक्षकों ने संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की है एवं इन सभी आवश्यकता अनुसार केन्द्रीय बल तैनात किये जा चुके है। अपराधियों व समाज कंटकों की गतिविधियों पर रोकथाम के लिए गत 6 माह के दौरान 3 लाख 88 हजार 276 व्यक्तियों को पाबन्द किया गया है। उन्होंने बताया कि लाईगं स्कावड द्वारा 156 वाहन, लगभग 456 किलोग्राम सोने व चांदी की सामग्री तथा 15 करोड से अधिक की राशि जप्त की गई। इस अवसर पर विशिष्ट महानिदेशक पुलिस श्री एन.आर.के. रेड्डी एवं महानिरीक्षक कानून व्यवस्था श्री हरिसिंह घुमरिया भी मौजूद थे।