नई दिल्ली । सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंड्री एजूकेशन (सीबीएसई) इस बार 10 वीं और बारहवीं की परीक्षाएं पिछले साल की तुलना में लगभग दो सप्ताह पहले शुरू करने जा रहा है। इससे छात्रों को थोड़ी परेशानी जरूर होगी, लेकिन राहत की बात यह है कि इस बार प्रश्नपत्र के पैटर्न में कई बदलाव किए हैं, जिससे पेपर आसान हो गया है। प्रश्नपत्र के प्रारूप में स्टूडेंट फ्रेंडली बदलावों से छात्रों के लिए आसानी होगी। उल्लेखनीय है कि इस साल 15 फरवरी से सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इस बार ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों की संख्या बढ़ा दी गई है। इसके अलावा इस बार प्रश्नों के विकल्प भी बढ़ाए गए हैं। एक अधिकारी ने बताया हर बार लगभग 10 प्रतिशत प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप होते हैं। हालांकि, इस साल 25 फीसदी प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप होंगे। इससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अच्छे अंक हासिल कर सकेंगे। 
उन्होंने बताया अगर कोई छात्र किसी प्रश्न को लेकर सहज नहीं है, तो उसके पास लगभग 33 फीसदी प्रश्न विकल्प के रूप में मौजूद होंगे। इस बार छात्रों को ज्यादा व्यवस्थित प्रश्नपत्र मिलेगा। हर पेपर में कई सब सेक्शन्स में बंटे होंगे। उदाहरण के लिए, सारे ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न एक ही सेक्शन में होंगे। इसके बाद अधिक अंकों वाले सवाल एक साथ होंगे। बोर्ड ने किसी भी पेपर को लीक होने से बचाने के लिए भी कुछ कदम उठाए हैं। परीक्षा केंद्रों पर जिन परीक्षा नियंत्रकों को गोपनीय दस्वावेज संभालने होते हैं, उनकी रियल टाइम ट्रैकिंग की जाएगी। बता दें कि पिछले साल दसवीं का गणित और बारहवीं का अर्थशास्त्र का पेपर लीक हो गया था।