नई दिल्ली । मसालों की रानी कही जाने वाली सौंफ से शायद ही कोई व्यक्ति होगा जो परिचित ना हो। बड़ी और छोटी दो प्रकार की खुशबूदार सौंफ आचार और सब्जियों को टेस्टी और खुशबूदार बनाने के अलावा औषधि के रूप में भी काम आती हैं। आयुर्वेद के अनुसार सौंफ त्रिदोष नाशक होने के साथ ही बुद्धि वर्धक और रूचि वर्धन भी है। शरीर में आयरन और पोटेशियम की कमी होने पर महिलाओं के पीरियड्स में अनियमितता आने लगती है। सौंफ में कैल्शियम सोडियम आयरन पोटेशियम जैसे लाभकारी तत्व पाए जाते हैं। ऐसे में यदि आपके पीरियड्स रेगुलर नहीं है तो आप रोज सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच सौंफ खाए। इसके साथ ही पेट संबंधी सभी बीमारियां भी दूर हो गई।
डाइटरी फाइबर से भरपूर सौंफ को यदि आप रोज 100 ग्राम खाए तो यह आपकी वेट लॉस प्रोग्राम के लिए भी अच्छा होता है। फाइबर शरीर में पाचन क्रिया को बढ़ाकर हमारे द्वारा खाए पदार्थों को जल्द बचाने में मददगार होते हैं। सौंफ में पाए जाने वाले माईकेसीन, फेन्चोन, शैविकोल, सिनेल नामक वाष्पशिल तेल योगिक शरीर की पाचन और एंटीऑक्सीडेंट प्रतिक्रिया में मदद करते हैं। साथ में पाए जाने वाले आयरन, कॉपर और डिस्टिडाइन शरीर में लाल रक्त कण (रेड ब्लड सेल्स) बनने में मदद करते हैं। इसके अलावा शरीर में आयरन की मात्रा को बढ़ाने के साथ ही सौंफ हिमोग्लोबिन भी बढ़ाता है। गर्भवती महिलाओं के लिए भी रोजाना सौंफ खाना विशेष रूप से फायदेमंद होता है, क्योंकि यह उन्हें एनीमिया से बचाती है।
जर्नल ऑफ फूड साइंसेज के अध्ययन के अनुसार सौंफ में नाइट्राइट और नाइट्रेट काफी मात्रा में पाए जाते हैं, जो दोनों ने रक्त कोशिकाओं के बनने में मदद करते हैं। यह लार में नाइट्राइट की मात्रा बढ़ा कर नेचुरल तरीके से बीपी को कंट्रोल करता है। इसके साथ ही साथ मैगनीज के अच्छे स्त्रोतों में से एक है। शरीर जब इस मिनरल का इस्तेमाल करता है, तो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट एन्जादम सुपर ऑक्साइड डिस्प्यूटेस पैदा होता है, जो कैंसर की संभावना कम करता है। इसके साथ ही सौंफ चबाने से त्वचा, पेट और ब्रेस्ट कैंसर की संभावनाएं भी काफी हद तक कम हो सकती है। वहीं सौंफ में पाए जाने वाले कई तरह के सुगंधित तेल मुंह से बदबू को दूर रखते हुए माउथ फ्रैशनर का काम करती है। एंटी बैक्टीरियल एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों के अलावा यह सांसों की बदबू और मसूड़ों को संक्रमित करने वाले जर्म्स को भी नष्ट करती है।