General election 2019: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मायावती व अखिलेश यादव और भी कई बड़े नेता। ये सभी खासे लोकप्रिय हैं। करिश्माई व्यक्तित्व रखते हैं। लाखों की भीड़ जुटाने की क्षमता हैं। संयोग से इन सभी का उत्तर प्रदेश से गहरा वास्ता है। यूपी के चुनावी मैदान में वे बड़ी जिम्मेदारी के साथ उतरेंगे तो वहीं उनकी भूमिका भी कसौटी पर होगी। यह सभी अपने दलों को सत्ता में लाने के लिए संघर्षकर रहे हैं। कोशिश इस राज्य से ज्यादा से ज्यादा सीटें निकालने की है। यह सभी अगले कुछ हफ्ते भीषण गर्मी में दिन रात एक रात करने वाले हैं।

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी दूसरी बार वाराणसी से चुनाव लड़ेंगे। बतौर सांसद वह यहां 19 बार दौरा कर चुके हैं और इस प्राचीन शहर को उन्होंने ढेरों सौगातें दी हैं। आने वाले वक्त में उन्हें यहां अपना प्रचार तो देखना ही है, साथ ही अपनी पार्टी की उम्मीदों को पूरा करना है। मोदी कहते हैं कि उनकी सरकार ने नामुकिन को मुमकिन कर दिखाया। जितना विकास 55 साल में नहीं हुआ उससे ज्यादा पांच साल में हुआ। पार्टी की कोशिश होगी नरेंद्र मोदी के 80 संसदीय क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा रैलियां करा सकें। 


योगी आदित्यनाथ सीएम, यूपी
यूपी के मुख्यमंत्री होने के नाते योगी आदित्यनाथ के सामने बड़ी जिम्मेदारी है। वह दूसरे राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा के स्टार प्रचारक रहे हैं और पार्टी उनको पूरे प्रदेश का धुआंधार दौरा कराने की तैयारी कर रही है। उनकी खुद की खास लोकप्रियता है। उनकी सरकार के काम की परीक्षा होगी तो इस चुनाव में होनी है। सुशासन, विकास व प्रखर राष्ट्रवाद के सवाल योगी इस बार और शिद्दत से उठाने व इस पर विरोधियों को घेरने की तैयारी में हैं। .

राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष
यूपी की अमेठी से सांसद राहुल गांधी फिर चुनाव लड़ने को तैयार हैं साथ ही उनके जिम्मे अपनी पार्टी को इस सबसे महत्वपूर्ण राज्य में मजबूती से जमाने व ज्यादा से ज्यादा सीटे खींच लेने का काम है। उन्हें अपना चुनाव तो देखना ही है, साथ अपनी पार्टी के प्रत्याशियों को कामयाब भी बनाना है। वह काफी समय से राफेल विमान खरीद का मुद्दा उठा रहे हैं। इस बार वह अमेठी के अलावा पूरे प्रदेश को मथने की तैयारी में हैं। 

प्रियंका गांधी, कांग्रेस महासचिव
कांग्रेस प्रियंका गांधी की लोकप्रियता के चलते हुए उन्हें ट्रंपकार्ड मानती रही है। मुश्किल वक्त में प्रियंका ने खुद आगे बढ़ कर अपने को पार्टी में काम करने के लिए तैयार कर लिया। सियासत में खुल कर आने के बाद उन्होंने लखनऊ में बड़ा रोड शो किया और रात रात भर जागकर कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया। अब वह अपने भाई राहुल गांधी की मदद के लिए बतौर स्टार प्रचारक पूरे प्रदेश का दौरा करने की तैयारी में हैं। उनके खुद के चुनाव लड़ने को लेकर अभी संशय है। 

अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष
अमित शाह देश की बड़ी पार्टी के अध्यक्ष हैं। यह उनकी रणनीति का कमाल था कि उन्होंने बसपा व सपा के असर को कम कर भाजपा को ऐसा स्थापित कराया कि लोकसभा चुनाव के साथ-साथ विधानसभा चुनाव में भी भाजपा की सरकार बनवा दी। माइक्रोलेवल पर काम करने वाले अमित शाह इस बार भी यूपी में बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी में हैं। वह पर्दे के पीछे व पर्दे के बाहर दोनो जगह अहम भूमिका निभाएंगे। 

अखिलेश यादव, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष
पहली बार लोकसभा चुनाव की पूरी कमान अपने हाथ में लेने वाले अखिलेश यादव पूरे आत्मविश्वास में भरे हैं। इसकी वजह बसपा व रालोद के साथ चुनावी गठबंधन भी माना जा रहा है। उनके निशाने पर भाजपा है। वह अपनी सरकार के कामों की याद दिलाना नहीं भूलते और उसी के बूते वह अपना प्रचार अभियान शुरू करेंगे। उनके तरकश में भाजपा सरकार की नाकामी गिनाने वाले तमाम तीर हैं। अखिलेश खुद भी पूर्वांचल की किसी मजबूत सीट (आजमगढ़ संभावित) से चुनाव लड़ सकते हैं। 

मायावती, बसपा अध्यक्ष
बसपा सुप्रीमो मायावती के सामने सपा के साथ हुए चुनावी गठबंधन को कामयाब बनाने का दायित्व भी है। उनके चुनावी दौरे इसी दृष्टि से तैयार हो रहे हैं। मायावती अभी किसी सदन की सदस्य नहीं हैं। ऐसे में उनकी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी है। उनके सामने पार्टीका प्रत्याशी तय करने, चुनावी रणनीति बनाने, मुद्दे तलाशने, विरोधियों को जवाब देने और और पार्टी प्रत्याशियों का प्रचार करने जैसे अहम काम उन्हें खुद ही करने हैं।