कांग्रेस ने बुधवार को 21 प्रत्याशियों की अपनी दूसरी सूची जारी कर दी. पार्टी ने उन पूर्व सांसदों को उनकी क्षमता के हिसाब से मैदान में उतारा है, जिससे सपा-बसपा गठबंधन को चुनाव में जीतने से रोका जा सके.

इस दूसरी सूची में यूपी से 16 प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं. यूपी में सपा और बसपा ने कांग्रेस को गठबंधन में शामिल नहीं किया. इसके बाद पार्टी राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण और अहम राज्य में पार्टी अब तक 27 प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर चुकी है. दूसरी सूची में पार्टी ने महाराष्ट्र के भी 5 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है.

इस सूची में उन दो सांसदों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने इस माह ही कांग्रेस की सदस्यता ली है. इनमें कैसर जहां को सीतापुर से टिकट दिया गया है जिन्हें बसपा ने निकाल दिया था जबकि सपा से आए राकेश सचान को फतेहपुर से टिकट दिया गया है. कैसर जहां और सचान दोनों ने 2009 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की थी लेकिन मोदी लहर के कारण 2014 में चुनाव हार गए. इन दोनों प्रत्याशियों ने एक-दूसरे से एक दिन के अंतराल पर कांग्रेस ज्वाइन किया.

पूर्व सांसद जफर अली नकवी को खीरी लोकसभा सीट का टिकट दिया गया है जबकि रत्ना सिहं को प्रतापगढ़ से मैदान में उतारा गया है. कमलापति त्रिपाठी के परपोते ललितेश पति त्रिपाठी को मिर्जापुर से टिकट दिया गया है.

कांग्रेस की इस दूसरी सूची में उन उम्मीदवारों के भी नाम शामिल हैं जिन्हें पार्टी ने सुरक्षित सीट से मैदान में उतारा है. नगीना से ओमवती देवी जाटव, मिसरिख से मंजरी राही, बांसगांव से कुश सौरभ, लालगंज से पंकज मोहन सोनकर और रॉबर्ट्सगंज सीट से भगवती प्रसाद चौधरी को कांग्रेस ने चुनावी रण में उतारा है.

इसके अवाला मोहनलालगंज से रामशंकर भार्गव, सुल्तानपुर से संजय सिंह और कानपुर से पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल को मैदान में उतारा गया है. कांग्रेस ने अपनी पहली सूची 7 मार्च को जारी की थी जिसमें यूपी से 11 उम्मीदवारों के नाम शामिल थे. इस सूची में यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी को रायबरेली से और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अमेठी से प्रत्याशी घोषित किया गया था.


यूपी में अमेठी और रायबरेली दोनों कांग्रेस का गढ़ मानी जाती हैं. ये ही वे दो सीटें हैं जो भारत की सबसे पुरानी पार्टी मोदी लहर में 2014 में जीत सकी थी. हालांकि इन दोनों सूचियों में प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम शामिल नहीं था जिन्होंने हाल ही में राजनीति में पदार्पण किया है. उन्हें पूर्वी यूपी का प्रभारी और महासचिव बनाया गया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, जितिन प्रसाद और आरपीएन सिंह को उनकी परंपरागत सीट से मैदान में उतारा गया है.