इंदौर। सीएसपी की पत्नी और मेजर की शादी के मामले में कुटुंब न्यायालय ने महिला को हनीमून पर खर्च किए गए सात लाख रुपए मेजर को लौटाने का आदेश दिया है। मेजर व सीएसपी की पत्नी का आर्य समाज में हुआ विवाह गुरुवार को न्यायालय ने शून्य घोषित किया था। कोर्ट के आदेश के तहत सीएसपी की पत्नी मेजर को उक्त रुपए और गहनों की राशि वापस करेगी। साथ ही मानसिक परेशानी के लिए पांच लाख रुपए भी देने होंगे।

गुरुवार को विवाह शून्य घोषित करने के साथ ही मेजर ने आभूषण वापस दिलाने, हनीमून पर खर्च सात लाख रुपए व मानसिक परेशानी के लिए पांच लाख रुपए दिलाने आवेदन दिया था। कोर्ट ने याचिका को प्रमाणित पाकर स्वीकार किया है। इसके बाद प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश ने प्रार्थी को आभूषण की कीमत एक लाख 22 हजार 721 रुपए हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 27 के तहत वापस पाने का भी हकदार माना है। प्रकरण का खर्च भी प्रतिप्रार्थी को वहन करने का आदेश दिया है।

यह था मामला

दिल्ली निवासी मेजर अंकुर सिंह ने 19 जनवरी 2019 को पुलिस से शिकायत की थी कि इंदौर में पदस्थ रहे एक सीएसपी की पत्नी और महिला एवं बाल विकास विभाग में परियोजना ने खुद को कुंवारी बताकर उसे प्रेमजाल में फंसा लिया। महिला ने मेजर के साथ आर्य समाज में शादी की थी। शिकायत में अंकुर सिंह ने यह भी कहा था कि सीएसपी की पत्नी से उनकी मुलाकात सोशल मीडिया पर हुई थी। महिला ने खुद की उम्र 24 साल बताते चेटिंग की थी। दोनों ने आर्य समाज में विवाह भी कर लिया था। पुलिस में शिकायत के साथ ही मेजर ने विवाह शून्य घोषित करने के लिए कुटुम्ब न्यायालय में गुहार लगाई थी। शून्य घोषित करने के साथ ही यह फैसला न्यायालय ने दिया।