नई दिल्ली: अनुभवी तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने शनिवार को यहां कहा कि वनडे टीम में उनकी जगह इसलिए नहीं बन पा रही है क्योंकि भारतीय क्रिकेट में यह राय बन गयी है कि वह टेस्ट मैचों के गेंदबाज हैं. इशांत ने करियर में 80 वनडे खेले है जिसमें आखिरी बार वह वनडे में तीन साल पहले दिखे थे. तीस साल के इस गेंदबाज ने अब तक 90 टेस्ट में देश का प्रतिनिधित्व किया है और उन्हें खुद को टेस्ट विशेषज्ञ पर देखा जाना पसंद नहीं.

आईपीएल टीम दिल्ली कैपिटल्स के मीडिया सेशन के दौरान इशांत ने कहा, ‘‘ हां, मैं मानता हूं कि भारतीय क्रिकेट में ऐसे विचारों के कारण मैं सीमित ओवर की टीम में नहीं हूं. मुझे नहीं पता कि ऐसे विचार कहां से आते हैं.’’

लिस्ट 'ए' क्रिकेट में चेतेश्वर पुजारा का औसत भी 50 से अधिक का है, लेकिन उन पर भी टेस्ट विशेषज्ञ का ठप्पा लगा है और इशांत खुद को सौराष्ट्र के इस बल्लेबाज से जोड़ कर देखते हैं.

दिल्ली के इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो यह कुछ ऐसा है जिससे खिलाड़ियों को जूझना पड़ रहा है लेकिन मुझे नहीं पता ऐसी राय कहां से बनती है. इससे हम पर ठप्पा लग जाता है, ‘यह टेस्ट गेंदबाज है’, यह टी20 गेंदबाज है’, ‘लाल गेंद का गेंदबाज’, ‘सफेद गेंद का गेंदबाज’ और भी बहुत कुछ.’’

टेस्ट मैचों में 267 विकेट लेने वाले इस गेंदबाज ने कहा कि अगर कोई लाल गेंद से अच्छी गेंदबाजी कर सकता है तो वह किसी भी फॉर्मेट में खेल सकता है.’’