रायपुर। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को बड़ा झटका दिया है। केंद्र ने पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज रायपुर की 21 में एक भी पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा सीट को डिग्री में कन्वर्ट (परिवर्तित) नहीं किया है। यानी अब डिप्लोमा सीट पर ही काउंसिलिंग होगी। गनीमत तो यह रही कि सीट लैप्स नहीं हुई, क्योंकि राज्य ने इन्हें सरेंडर करते हुए केंद्र को डिग्री में कन्वर्ट करने के लिए आवेदन किया था। स्पष्ट कर दें कि केंद्र द्वारा ही सभी राज्यों को कहा गया था कि वे डिप्लोमा सीट को डिग्री में कन्वर्ट करने के लिए आवेदन करें। अब किन कारणों से रिजेक्ट किया गया है, यह साफ नहीं हो सका है, न ही केंद्र ने राज्य को इससे संबंधित कोई पत्र लिखा है।

8 फरवरी को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट पेश किया था, जिसमें 21 सीटों के उन्नयन का जिक्र था। वर्तमान में रायपुर मेडिकल कॉलेज में पीजी की 118 सीट है और 21 डिप्लोमा की है। अब राज्य आगामी वर्ष में एक बार फिर केंद्र को आवेदन करेगा।

 

डिग्री और डिप्लोमा में अंतर समझिए- डिप्लोमा सीट पर दाखिला लेने के बाद डिप्लोमा हाथ लगने के बाद तीन साल का डीएनबी कोर्स करना होगा। इसके बाद एक साल की एसआर शिप, तब कहीं जाकर एक डॉक्टर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए योग्य होगा। दूसरी तरफ डिग्री हासिल करने के बाद सीधे एक साल की एसआर शिप और फिर असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए योग्य होंगे। डिप्लोमा और डिग्री के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर के योग्य होने में दो साल डिप्लोमा में अधिक लगते हैं।

ये हैं डिप्लोमा सीट-

 

डिप्लोमा इन एनिस्थिसियोलॉजी- 01

डिप्लोमा इन क्लिनिकल पैथोलॉजी- 01

 

डिप्लोमा इन ऑफ्स एंड गायनी- 01

डिप्लोमा इन ऑटो रहिनोलयनोलॉजी- 01

 

डिप्लोमा इन ऑफ्थेल्मोलॉजी- 02

डिप्लोमा इन रेडियो डायग्नोसिस- 03

 

डिप्लोमा इन ऑर्थोपेडिक्स- 06

डिप्लोमा इन चाइल्ड हेल्थ- 06

 

25 मार्च को लॉटरी- प्रदेश की पीजी सीट में आरक्षण के लिए 25 मार्च को लॉटरी निकाली जाएगी। यह प्रक्रिया पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के लेक्चर हॉल 6 में सुबह 11.30 बजे से होगी।

केंद्र से पत्र प्राप्त हुआ है, सीटें डिप्लोमा ही हैं और उन्हीं पर काउंसिलिंग करवाई जाएगी। डिग्री में कन्वर्ट न होने की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है, जो भी कारण बताए जाएंगे उन्हें जल्द से जल्द दूर करने की कोशिश होगी। - डॉ. निर्मल वर्मा, अतिरिक्त संचालक एवं काउंसिलिंग प्रभारी, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय