भोपाल । लोकसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण के बाद जिस तरह से आया राम गया राम का खेल देखने को मिल रहा है। उसके बाद मतदाताओं को और नेताओं को भी आश्चर्य हो रहा है।
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गई हिमाद्री सिंह को भाजपा ने लोकसभा का प्रत्याशी बना दिया। कांग्रेस पार्टी में उनकी टिकट को लेकर घोषणा भी नहीं हुई थी उसके पहले ही उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली और उन्हें टिकट भी मिल गया। भाजपा में इन्हें पैराशूट प्रत्याशी कहा जा रहा है। भाजपा के स्थानीय नेताओ और कार्यकर्ता समझ नहीं पा रहे हैं, कि वह हिमाद्री सिंह का कैसे चुनाव प्रचार करेंगे।
भाजपा से आई प्रमिला को कांग्रेस की टिकट
प्रमिला सिंह 2013 में जयसिंह नगर से भाजपा की टिकट पर विधायक चुनी गई थी। 2018 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने प्रमिला सिंह का टिकट काटकर जय सिंह मरावी को दे दिया था। कांग्रेस ने उन्हें लोकसभा का टिकट देने का सपना दिखाया और उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस में प्रवेश ले लिया। उन्हें लोकसभा की टिकट भी मिल गई।
शहडोल लोकसभा का चुनाव बड़ा दिलचस्प चुनाव हो गया है। यहां पर कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवार पैराशूट से उतर कर आए हैं इनकी कोई राजनीतिक प्रतिबद्धता नहीं है। इसके बाद भी इनका भाग्य इतना प्रबल है कि सालों से काम कर रहे नेताओं को टिकट नहीं मिला और इन्हें आते ही टिकट मिल गया। चुनाव में अब मतदाता इन्हें किस रूप में देखता है, चुनाव परिणाम ही यह तय करेंगे।