चुनाव कार्य से जुड़े सेक्टर मजिस्ट्रेट अब अपने कार्य में लापरवाही नहीं कर सकेंगे. सेक्टर मजिस्ट्रेट के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए निर्वाचन आयोग ने इस बार विशेष इंतजाम किए हैं. इसके लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट के वाहनों पर जीपीएस लगा दिए गए हैं. ऐसे में अब सेक्टर मजिस्ट्रेट को फील्ड में विजिट करना ही होगा. कोताही बरतने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मतदान प्रक्रिया में सेक्टर मजिस्ट्रेट की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. मतदान केंद्र पर पर्याप्त संसाधन है या नहीं. कौन सा क्षेत्र संवेदनशील है और किस क्षेत्र के मतदाता भयग्रस्त हैं. इसकी रिपोर्ट सेक्टर मजिस्ट्रेट ही देता है. इसके लिए मतदान से कई दिन पूर्व सेक्टर मजिस्ट्रेट को फील्ड में भेजा जाता है ताकि वे चुनावी कार्य ठीक तरीके से संपन्न करा सकें. लेकिन आमतौर पर यह शिकायत रहती है कि सेक्टर मजिस्ट्रेट घर बैठकर ही रिपोर्ट तैयार करते हैं और फील्ड में विजिट कम करते हैं.
तकनीक का इस्तेमाल करते हुए कसा शिकंजा

ऐसे में सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने कार्य को प्रभावी तरीके से करे और उसमें कोताही न बरते इसके लिए निर्वाचन आयोग ने पहली बार तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इन पर शिकंजा कसा है. निर्वाचन आयोग ने पहली बार सेक्टर मजिस्ट्रेटों के वाहनों पर जीपीएस लगाए हैं ताकि उनके मूवमेंट पर नजर रखी जा सके. सेक्टर मजिस्ट्रेटों की गाड़ियों में ट्रैकिंग सिस्टम लगाए जाने से उनकी फील्ड विजिट के बारे में निर्वाचन आयोग नजर रख सकेगा.
कोताही बरतने पर होगी सख्त कार्रवाई

दौसा जिला निर्वाचन अधिकारी अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि सेक्टर मजिस्ट्रेटों के वाहनों पर जीपीएस लगा दिए हैं. अब कोई भी कोताही बरतेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.