नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) अपनी लोन की ब्याज दरों में 0.05 प्रतिशत की मामूली कटौती की है. नई दरें 10 अप्रैल से प्रभावी होंगी. नवंबर, 2017 के बाद एसबीआई ने पहली बार ब्याज दर में कटौती की है. कई अन्य छोटे बैंक इससे पहले अपने लोन पर ब्याज दर में कटौती की घोषणा कर चुके हैं. बैंक ने बयान में कहा कि संशोधित कोष की सीमान्त लागत आधारित लोन दर (एमसीएलआर) को 8.55 से घटाकर 8.50 प्रतिशत किया गया है. 

एसबीआई द्वारा करीब 17 माह बाद अपनी एमसीएलआर में कटौती की गई है. इससे पहले नवंबर, 2017 में एसबीआई ने एमसीएलआर में 0.05 प्रतिशत की कटौती की थी. एसबीआई ने संशोधित दर वाले 30 लाख रुपये तक के आवास लोन पर भी ब्याज दर में 0.10 प्रतिशत की कटौती की है. इसके साथ अब 30 लाख रुपये से कम के आवास लोन पर नई ब्याज दर 8.60 से 8.90 प्रतिशत होगी जो अभी तक 8.70 से 9 प्रतिशत है. 
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) अपनी लोन की ब्याज दरों में 0.05 प्रतिशत की मामूली कटौती की है. नई दरें 10 अप्रैल से प्रभावी होंगी. नवंबर, 2017 के बाद एसबीआई ने पहली बार ब्याज दर में कटौती की है. कई अन्य छोटे बैंक इससे पहले अपने लोन पर ब्याज दर में कटौती की घोषणा कर चुके हैं. बैंक ने बयान में कहा कि संशोधित कोष की सीमान्त लागत आधारित लोन दर (एमसीएलआर) को 8.55 से घटाकर 8.50 प्रतिशत किया गया है. 

एसबीआई द्वारा करीब 17 माह बाद अपनी एमसीएलआर में कटौती की गई है. इससे पहले नवंबर, 2017 में एसबीआई ने एमसीएलआर में 0.05 प्रतिशत की कटौती की थी. एसबीआई ने संशोधित दर वाले 30 लाख रुपये तक के आवास लोन पर भी ब्याज दर में 0.10 प्रतिशत की कटौती की है. इसके साथ अब 30 लाख रुपये से कम के आवास लोन पर नई ब्याज दर 8.60 से 8.90 प्रतिशत होगी जो अभी तक 8.70 से 9 प्रतिशत है. 

एक साल के निचले स्तर पर आया रेपो रेट, पढ़िए मौद्रिक नीति की 10 खास बातें

बैंक ने लोन को रेपो रेट से भी लिंक किया है. इसी कारण एसबीआई ने सेविंग रेट में भी बदलाव किया है. 1 लाख रुपए तक के बैलेंस पर अब 3.50 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा. वहीं, 1 लाख से ऊपर के बैंलेस पर ब्याज की दर 3.25 फीसदी होगी. ये नई दर 1 मई 2019 से लागू होंगी.

RBI ने रेपो रेट 0.25 फीसदी से घटाया है
भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल में अपनी चालू वित्त वर्ष की पहली द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में रेपो दर को चौथाई प्रतिशत घटाकर छह प्रतिशत किया था. एसबीआई तीसरा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है जिसने अपना लोन सस्ता किया है. एसबीआई से पहले इंडियन ओवरसीज बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी एक साल और उससे अधिक की अवधि के लोन पर ब्याज दर में 0.05 प्रतिशत की कटौती की है. 

इंडियन ओवरसीज बैंक ने भी ब्याज दर घटाई है
इंडियन ओवरसीज बैंक ने एक साल के लोन पर एमसीएलआर को 8.70 प्रतिशत से घटाकर 8.65 प्रतिशत करने की घोषणा की है. बैंक ने एक साल के कर्ज पर कोष की सीमांत लागत (एमसीएलआर) आधारित ब्याज दर घटाकर 8.65 प्रतिशत कर दिया. दो और तीन साल के कर्ज पर एमसीएलआर क्रमश: 8.75 प्रतिशत तथा 8.85 प्रतिशत होगी. रिजर्व बैंक के पिछले सप्ताह रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती के बाद आईओबी दूसरा बैंक है जिसने रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की. पिछले सप्ताह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने एमसीएलआर 0.05 प्रतिशत की कटौती 8.70 प्रतिशत कर दिया था.