लोकतंत्र में अगर विपक्ष की स्वत: स्फूर्त भीड़ के मायने हैं, तो मंगलवार को प्रियंका गांधी और बसपा सुप्रीमो मायावती की रैली में यह बात सही साबित हुई। दोनों सियासी दिग्गजों का अप्रैल की तपती धूप में वेस्ट यूपी की जनता ने शानदार इस्तकबाल किया।

प्रियंका गांधी ने वेस्ट यूपी के अपने पहले रोड शो में मोदी के समर्थन में नारे लगा रहे लोगों पर फूलों की माला फेंककर दिल जितने की कोशिश की। बिजनौर, नगीना और सहारनपुर लोकसभा सीट पर प्रचार के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी गुलाबी रंग की सूती साड़ी में जब रोड शो के लिए निकली तो लोगों ने जमकर फूल बरसाए। लोग भी उनकी एक झलक पाने को बेताब दिखे। चिरपरिचित अंदाज में प्रियंका गांधी रोड शो कर कार्यकर्ताओं में जोश भर गईं। प्रियंका गांधी ने बिजनौर में लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी नसीमुद्दीन सिद्दीकी के समर्थन में रोड शो किया। नगीना प्रत्याशी ओमवती भी रोड शो में प्रियंका गांधी के साथ रहीं। बिजनौर के सैंट मेरीज स्कूल में बने हेलीपैड से रोड शो करीब 12:15 बजे शुरू हुआ। हेलीपैड के पास स्थित कालोनी की माहिलाओं और बच्चों से प्रियंका गांधी ने सुरक्षा घेरा तोड़कर मुलाकात की। बच्चों को दुलारा और महिलाओं का हालचाल पूछा।
इसी तरह सहारनपुर में भी प्रियंका गांधी ने 50 मिनट तक रोड शो किया। करीब दो किलो मीटर के रोड शो में लोगों ने छतों से प्रियंका गांधी पर जमकर फूल बरसाए। प्रियंका गांधी ने सहारनपुर में मंगलवार को कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद के समर्थन में रोड शो किया। खुली गाड़ी में दोपहर 2.30 बजे से शुरू हुआ रोड शो मुस्लिम बाहुल्य इलाके मंडी समिति गोल कोठी, रायवाला बाजार, प्रताप नगर चौक, लकड़ी नक्काशी बाजार, बंजारन पुल से होकर रेंच का पुल पर जा पहुंचा। बंजारन पुल से रेंच के पुल के बीच करीब 100 मीटर तक प्रियंका गाधी पैदल भी चलीं। शाम को करीब 4.20 बजे प्रियंका का रोड शो खत्म कर दिया।
मुस्लिमों को ध्यान में रख दिए टिकट: मायावती
नुमाइश ग्राउंड में बसपा प्रत्याशी मलूक नागर, नगीना प्रत्याशी गिरीश चंद्र और मुरादाबाद प्रत्याशी एसटी हसन के समर्थन में जनसभाएं की। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, मेरठ मंडलों में मुस्लिमों की तादाद काफी है। इसका ध्यान रखते हुए गठबंधन ने अमरोहा, मेरठ, मुरादाबाद,सहारनपुर समेत मुस्लिमों को टिकट दिए हैं।

मायावती ने कहा कि आपके जोश को देखकर लग रहा है कि 1989 के लोस चुनाव की तरह ही फिर से बिजनौर और नगीना की सीट को हर हालत में जीतना चाहते हो। 1989 के उस दौर को फिर से दोहराना चाहते हो जब रात दिन मेहनत करके खुद के छोटे मोटे साधनों से मुझे जिताकर लोकसभा भेजा था। तब मुझे जिताने के लिए दलित, मुस्लिम ने वोट किया था। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंच से कहा कि यह सोच लेना कि यहां से मलूक नागर और गिरीशचंद नहीं आपकी बहन जी चुनाव लड़ रही हैं।