छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बीजेपी विधायक भीमा मंडावी की हत्या मामले में पुलिस को बड़ा क्लू हाथ लगने की खबर है. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नक्सल कमांडर विनोद हुंगा ने ही विधायक भीमा मंडावी की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया. 55 वर्षीय विनोद हुंगा नक्सलियों के कटेकल्याण एरिया कमांडर है, लेकिन पिछले दो महीने से वो मालंगीर क्षेत्र में लगातार आना जाना कर रहा था.

हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक 55 वर्षीय विनोद हुंगा छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बीते मंगलवार को हुए हमले के पीछे का मास्टर माइंड है. इसके नेतृत्व में नक्सलियों ने घटना को अंजाम दिया, इस घटना में विधायक भीमा मंडावी, उनके ड्राइवर और तीन पुलिसकर्मी मारे गए थे. इस खबर में पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी का हवाला दिया गया है. विनोद हुंगा पर आठ लाख रुपये का इनाम घोषित है.

सूत्रों के मुताबिक विनोद हुंगा ने करीब 60 नक्सलियों की मदद लेकर हमले को अंजाम दिया. बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों से नक्सली अलग-अलग जगहों से मलंगीर एरिया कमेटी के तहत श्यामगिरि में इकट्ठा हो रहे थे, उनका नेतृत्व विनोद हुंगा कर रहा था. विधायक मंडावी की हत्या की साजिश को अंजाम देने में विनोद की मदद उसके करीबी देवा ने की. देवा नक्सलियों के कटेकल्याण एरिया कमेटी का सदस्य है, लेकिन दो महीने से मलंगीर एरिया में सक्रिय है. विनोद हुंगा को दो साल पहले मलंगीर क्षेत्र समिति के सचिव के रूप में पदोन्नत किया गया था.पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विनोद अक्टूबर 2018 में विधानसभा चुनाव कवरेज के लिए गए मीडिया समूह पर दंतेवाड़ा के निलवाया में हुए हमले में मास्टरमाइंड था, जिसमें दूरदर्शन के वीडियो जर्नलिस्ट अच्युतानंद साहू और दो पुलिसकर्मी मारे गए थे. साल 2015 में, विनोद की टीम ने दंतेवाड़ा के चोलनार-किरंदुल मार्ग में एक एंटी-लैंडमाइन वाहन को उड़ा दिया, जिसमें पांच जवान मारे गए थे.

सूत्रों के मुताबिक पुलिस को पता चला कि विनोद 2018 में नक्सली सोढ़ी पोजे के आत्मसमर्पण करने के बाद बस्तर में नक्सली गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण योजनाकार है. विनोद की टीम में 15 नक्सली हैं. पुलिस को शक है कि मंगलवार को विधायक के काफिले पर हुए हमले की जगह से विनोद हुंगा करीब दो किलोमीटर दूर था. घटनास्थल से पुलिस को एक जीपीएस उपकरण मिला. हालांकि पुलिस अधिकारी इस मामले में फिलहाल जांच जारी होने का हवाला देकर अधिक जानकारी देने से इनकार कर रहे हैं.