दुर्ग लोकसभा चुनाव में पार्टियां अब प्रत्याशी चुनाव प्रचार का पैटर्न बदल रहे हैं. जातिगत समीकरण पर आधारित रहने वाला चुनाव अब पीएम नरेन्द्र मोदी और घोषणा पत्र पर केंद्रित हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सर्जिकल स्‍ट्राइक और देश के सुनहरे भविष्य का हवाला देते हुए एक ओर भाजपा ने थोड़ा अपना स्टाइल बदला है तो दूसरी ओर कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए जारी घोषणा पत्र और प्रदेश में 2 महीने के भीतर हुए विकास कार्यों को अधिक से अधिक जनता के बीच पहुंचाकर कैंपेनिंग पैटर्न बदल लिया है.

दुर्ग जिले में होने वाला चुनाव हमेशा से ही जातिगत समीकरण पर आधारित रहा है. यही वजह थी कि गत चुनाव में मोदी लहर होने के बावजूद साहू समाज ने अपने प्रत्याशी ताम्रध्वज साहू के माथे पर प्रदेश का एकमात्र सांसद होने का सेहरा बांधा था. अब लोकसभा चुनाव है और दोनों ही राष्टीय पार्टियों ने अपने अपने प्रत्याशियों को जातिगत समीकरण के आधार पर ही टिकट दी है. कुछ समय तक इस आधार पर ही लोकसभा क्षेत्र में प्रत्याशियों द्वारा वोट मांगे जा रहे थे, लेकिन अब दोनों ही पार्टियों ने अपना चुनावी पैटर्न बदल दिया है.भाजपा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यों पर विश्वास है. लिहाजा उनके नाम का मुखौटा बनाकर भाजपा प्रत्याशी वोट मांग रहे हैं. भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल का कहना है कि पिछले पांच सालों में केन्द्र की मोदी सरकार ने ज​नहित व देशहित के कई महत्वपूर्ण कार्य किए, जिसे जनता अच्छी तरह से जानती है. चुनाव प्रचार में नरेन्द्र मोदी हमारा प्रमुख चेहरा हैं.इधर कांग्रेस ने भी अपना चुनाव पैटर्न बदल दिया है. रिश्ते और जातिगत समीकरण को दरकिनार करते हुए कांग्रेस की प्रत्याशी प्रतिमा चंद्राकर भी अब कांग्रेस के किए वायदों और उनके घोषणा पत्र के आधार पर लोगों से अपना मत मांग रही हैं. प्रतिमा चंद्राकर का कहना है कि कांग्रेस ने जो कहा, वो किया लिहाजा. अब पूर्ण बहुमत के साथ देश में अपनी सरकार बनाएगी. बहरहाल लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी और पार्टियां लगातार अपना समय के हिसाब से पैटर्न बदल रही है. देखना होगा कि मतदान के पूर्व तक और क्या क्या पार्टियों के चेहरे सामने आते हैं.