रायपुर/महासमुंद/मंदिरहसौद। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से महज 35 किलोमीटर दूर स्थित आरंग चंदखुरी के फरफौद, बरसा, अकोली गांव में जंगली हाथियों के एक दल ने शुक्रवार की रात को दस्तक दी थी। हाथियों के झुंड ने धान की फसल को भी नुकसान पहुंचाया। इनसे दहशत का माहौल था। हाथियों का दल राजधानी के करीब पहुंच रहा है, इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को सेटेलाइट रेडियो कॉलर के माध्यम से मिली। इसके बाद वन विभाग के आला अधिकारी शनिवार की सुबह सात बजे मौके पर पहुंचे और रात तक डटे रहे। शाम को हाथियों का झुंड गुल्लू की तरफ वापस लौट गया।

अधिकारियों का कहना है कि 12 घंटे की मेहनत के बाद दल के मूवमेंट को महासमुंद की तरफ करने में सफलता मिली। ज्ञात हो कि रायपुर वन मंडल अंतर्गत 28 हाथी तीन ग्रुप में अलग-अगल भ्रमण कर रहे हैं। आरंग के पास अमेठी गांव तक पिछले दस दिनों से लगातार 18 हाथियों का एक दल आ रहा था। इसमें नौ शावक थे। शुक्रवार की रात को हाथियों का मूवमेंट बदला और वे चंदखुरी के फरफौद पहुंच गए। हाथियों के सेनापति को वन विभाग ने रेडियो कॉलर लगाया है। इस कारण इस दल के मूवमेंट की जानकारी प्रत्येक चार घंटे में वन विभाग के अधिकारियों को मिलती रहती है। शनिवार की सुबह वन विभाग के अधिकारियों को राजधानी से नजदीक हाथियों के दल के आने की जानकारी मिला। सूचना पर वाइल्ड लाइफ सीसीसीएफ, केके बिसेन, डीएफओ उत्तम गुप्ता अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
टीम सुबह सात बजे से हाथियों की दिशा को महासमुंद की तरफ करने की कसरत शुरू कर दी। करीब छह बार हाथियों की दिशा को रायपुर से महासमुंद की तरफ बदला गया, लेकिन हाथी वापस लौट आते थे, इससे वन विभाग के अधिकारियों की मुश्किल बढ़ गई थी। शाम करीब साढ़े पांच बजे हाथियों के दल के दिशा महासमुंद की तरफ बदली और वे गुल्लू गांव की तरफ लौटे।

हाथियों का दल पिछले दस दिन से अमेठी गांव तक आ रहा था, शुक्रवार की रात हाथियों के दल की दिशा रायपुर की तरफ हो गई और वह फरफौद तक पहुंच गए। दिन भर की मशक्कत के बाद उनकी दिशा महासमुंद की तरफ करने में सफलता मिली है। -उत्तम गुप्ता, डीएफओ रायपुर वन मंडल