पिछले कई दिनों से गर्मी की मार झेल रहे शहरवासियों ने श्री रामनवमी पर आसमान में छाए बादलों से राहत की सांस ली। मौसम विभाग के मुताबिक 17 अप्रैल तक मौसम सुहाना बना रहेगा। वहीं, वीरवार के बाद लगातार गर्मी का प्रकोप झेलना पड़ेगा। दरअसल, पश्चिमी विक्षोभ के चलते मार्च में बारिश के बाद अप्रैल की शुरुआत में ही गर्मी ने असर दिखा दिया। शुक्रवार रात को आसमान में छाए बादलों का असर शनिवार को कई जगहों पर हल्की बारिश के रूप के सामने आया। मौसम विभाग के डायरेक्टर डॉ. सुरिदंर पाल के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों तक मौसम सुहावना बना रहेगा। इसी तरह बुधवार को तेज बारिश की संभावना है।

किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
तापमान के बदलते मिजाज के कारण तैयार खड़ी गेहूं की फसल पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। शुक्रवार को आसमान में बादल छाने व शनिवार को हलकी बारिश के बाद किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। किसान कहते हैं कि इस समय खेतों में पानी की एक बूंद गिरनी भी फसल के लिए हानिकारक है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन तक हल्के बादल छाए रहने के आसार हैं।

गर्मी बढऩे पर होती है बारिश
दोआबा कॉलेज के मौसम विशेषज्ञ प्रो. दलजीत सिंह का कहना है कि जब गर्मी बढ़ती है तो बादल छाने के साथ बरसात होने के आसार बन जाते हैं। गर्मी बढऩे से कुदरती क्रियाओं के कारण स्थानीय स्तर पर बादल छा जाते हैं। लो प्रेशर की मूवमेंट के साथ बादल मूव करते हैं। ऐसे में हल्की बारिश होती है और हवा चलती है।

बारिश की एक बूंद भी फसल के लिए नुकसानदायक
कृषि अधिकारी डॉ. नरेश गुलाटी ने कहा कि गेंहू की फसल कटाई के लिए तैयार है। बारिश की एक बूंद भी फसल के लिए नुकसानदायक है। तेज हवा चलने से भी फसल की खराबी का खतरा है। जिले में गेहूं का तकरीबन 1.71 लाख हेक्टेयर का रकबा है, जहां करीब 8.25 लाख टन गेहूं होगी। किसानों को खेतों में लगे ट्रांसफार्मरों के आसपास पहले ही गेंहू की कटाई करनी चाहिए, क्योंकि इनमें से निकले वाली ङ्क्षचगारी फसल को जला सकती है।