अहमदाबाद पश्चिम से पिछले दो टर्म से भाजपा जीत रही है। इस सीट की खूबी यह है कि यहां किसी एक जाति का वर्चस्व नहीं है। अलग-अलग जाति में कुल 18 लाख मतदाता बंटे हैं। भाजपा से डॉ. किरीट सोलंकी तो कांग्रेस के राजू परमार जीत का दावा करते हैं, लेकिन मतदाताओं का क्या कहना है ? 

 


दलित-मुस्लिम मतदाताओं का वर्चस्व 
यहां मुख्यत: पटेल, वणिक, दलित और मुस्लिम मतदाताओं के बीच बंटी है। यहां दलित और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या क्रमश: 2.60 और 2.62 लाख है। जबकि 2.30 लाख पाटीदार मतदाता है। वणिक मतदाताओं की संख्या 1.28 लाख है। शहर की सीट होने के कारण किसी एक जाति का वर्चस्व नहीं है। 


वोट बैंक कांग्रेस का, जीतती है भाजपा 
यह सीट एसटी के लिए आरक्षित है पर यहां जातिवाद के आधार पर मतदान नहीं होता है। कांग्रेस का वोट बैंक का यह क्षेत्र होने के बावजूद यहां भाजपा जीतती आई है। इस सीट में एलिसब्रिज, अमराईवाड़ी, दरियापुरा, जमालपुर-खाडिया, मणिनगर, दाणीलीमडा तथा असारवा विधानसभा सीट आती है। 


2009 में यह सीट अस्तित्व में आई
2009 में नए सीमांकन के समय अहमदाबाद (पश्चिम) लोकसभा सीट अस्तित्व में आई थी। 2009 और 2014 में यहां भाजपा विजयी हुई थी। यह ऐसी सीट है जहां कांग्रेस का वोट बैंक माने जाने वाले दलित, मुस्लिम, ओबीसी मतदाताओं का संख्या अधिक है, इसके बावजूद भाजपा जीतती है।

 
व्यापारी वर्ग संकोची

अभी का माहौल जानने के लिए आश्रम रोड पर पहुंचे हैं। व्यापारी वर्ग है इसलिए नाम बताने और बात करने में हिचकिचाते हैं। बातों-बातों में कहा कि अभी धंधे में मंदी है, पैसे का टर्नओवर नहीं हो रहा, लेकिन दूसरा कोई राजनीतिक दल दे सकेगा या नहीं इसको लेकर शंका है।

शिकायत महंगाई की

जमालपुर सब्जी मार्केट में फिरोज भाई ने कहा कि महंगाई तो बहुत है भाई इसका असर दिखाई देगा कि नहीं यह भी एक सवाल है। मणिनगर के जवाहर चौक के पास चाय की दुकान पर नौकरी करने वाले शरद सेंजलिया ने बताया कि प्रधानमंत्री का ही यह क्षेत्र है, दूसरा कुछ सोचना ही नहीं? कारण भी बताया कि कुछ साल पहले यहां स्थिति ऐसी थी कि कुछ क्षेत्रों में जा भी नहीं सकते थे।

दंगे नहीं होते, हमें और क्या चाहिए

सांप्रदायिक दंगे नहीं होते। दूसरा और क्या चाहिए। नारोल में व्यवसाय करने वाले संकल्प पटेल ने कहा कि धंधे में पहले जैसा टर्न ओवर नहीं है, लेकिन वोट के लिए एक ही राजनीतिक दल पसंदीदा है। 


मणिनगर में माेदी से लगाव
मणिनगर के लोगों का अभी तक मोदी के साथ लगाव है। भाजपा के डॉ. किरीट सोलंकी और कांग्रेस के राजू परमार प्रचार कर रहे हैं, लेकिन मतदाताओं में अभी तक उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है। भाजपा की परंपरागत सीट पर पार्टी का हर सोसाइटी में नेटवर्क है। कांग्रेस के लिए यहां रास्ता आसान नहीं है।