बीजेपी ने आखिरकार दौसा सीट पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसकौर मीणा को उम्मीदवार घोषित कर दिया है. जसकौर के नाम पर चार दिन पहले ही बीजेपी आलाकमान के स्तर पर सहमति बन गई थी. लेकिन स्थानीय समीकरणों को देखते हुए घोषणा टाल दी गई थी. आखिरकार पार्टी ने रविवार को जसकौर मीणा को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया. अब दौसा में कांग्रेस प्रत्याशी सविता मीणा का बीजेपी की जसकौर मीणा से मुकाबला होगा.दौसा से जसकौर मीणा का नाम दो प्रमुख नेताओं की लड़ाई के चलते उभरकर सामने आया. दौसा में राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा खुद या खुद के परिवार से किसी को टिकट दिलवाना चाह रहे थे. उधर पूर्व संसदीय सचिव और महवा से इस बार बीजेपी के बागी निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला भी दौसा से दावेदारी कर रहे थे. हुड़ला किरोड़ी को टिकट नहीं मिले, इसके लिए भी जी-जान से जुटे थे. दूसरी तरफ किरोड़ीलाल मीणा किसी भी कीमत पर हुड़ला का टिकट कटवाने की जुगत में थे.


इसलिए हो रही थी टिकट की घोषणा में देरी
दरअसल हुड़ला और किरोड़ी के बीच लंबे समय से सियासी अदावत है. ऐसे में दौसा सीट से हुड़ला और किरोड़ी एक दूसरे के लिए वीटो करके बैठे हुए थे. इस वजह से टिकट घोषित होने में देरी हो रही थी. पूर्व सीएम वसुंधरा राजे भी किरोड़ी को टिकट देने के विरोध में थी. लिहाजा दौसा का टिकट भारी अंतर्विरोध का मामला बन गया था. हाईकमान ने जसकौर का नाम आगे लाकर सबको शांत करने का प्रयास किया है ताकि चुनाव में भितरघात की स्थिति को टाला जा सके. जसकौर को उम्मीदवार बनाने से अब खेमेबंदी का खतरा तो एकबारगी टल गया है. लेकिन भितरघात की आशंका से अब भी इनकार नहीं किया जा सकता.