हिम्मतनगर से लगे हुए गांव वीरपुर के 24 मोहल्ले हैं। इन मोहल्लों के नाम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नाम पर दिए गए हैं। इसलिए यहां 23 अप्रैल को 24 राज्यों के मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे।

कोई भेदभाव नहीं
वीरपुर के 24 मोहल्लों के नाम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नाम पर रखे गए हैं। यहां के लोग मोहल्ले को पार्क कहते हैं। इसलिए हर पार्क में रहने वाले परिवारों के नाम भी बोर्ड पर लिख दिया गया है। इस गांव में मोमिन समाज और अनुसूचित जाति लोग अधिक हैं। यहां किसी जाति, धर्म या समाज का भेदभाव देखने को नहीं मिलता।


कश्मीर से लेकर केरल तक
गांव में प्रवेश करते ही हमें देखने को मिलते हैं, अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नाम वाले मोहल्ले। यहां के लोग इसे इन्हीं नामों से जानते हैं। मोहल्लों को  कश्मीर से लेकर केरल तक और गुजरात से लेकर मिजोरम तक 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के नाम दिए गए हैं। 


गांव में समाया छोटा भारत
गांव के फारुक खणुशिया बताते हैं कि हमने तय किया है कि कोई नेता या धर्म के नाम पर हम हमारी पहचान सीमित नहीं करना चाहते। इसलिए हमने आपस में तय कर अपने मोहल्लों के नाम राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के नाम पर रखे हैं। इस चुनाव में देश के 24 राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में एक साथ प्रचार हो रहा है, पर हो सकता है कि वीरपुर गांव के लोगों का वोट लेने के लिए नेताओं को 24 राज्यों में जाना पड़े।