सरकारी स्कूलों में अब गणित और भूगोल पार्को के साथ-साथ साइंस पार्क भी बन रहे हैं। इस पहल से बच्चों को विज्ञान की उन धारणाओं को समझने में आसानी होगी, जिनको समझने के लिए वे दिन-रात किताबों में घुसे रहते थे। पढ़ो पंजाब-पढ़ाओ पंजाब द्वारा विज्ञान प्रोजेक्ट छठी से बारहवीं तक के स्कूलों में लागू किया जा चुका है। विद्यार्थियों का शिक्षण स्तर ऊंचा उठाने के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से ज्ञान-विज्ञान कार्यक्रम के तहत पहले अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया गया था और बाद में विज्ञान मेले भी लगाए गए। अब अध्यापकों ने विद्यार्थियों के सहयोग से विज्ञान मेलों से आगे बढ़ते हुए स्कूलों में विज्ञान के मॉडल स्कूल प्रांगण में ही तैयार करने शुरू कर दिए हैं। इससे विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अनुसार करवाए जाने वाले प्रयोगों में विज्ञान प्रयोगशाला के साथ-साथ विज्ञान पार्को में भी समझाने का प्रयास किया जाएगा। जिक्र योग्य है स्कूल शिक्षा सचिव पंजाब कृष्ण कुमार ने पंजाब में विद्यार्थियों को विज्ञान विषय में रुचि बढ़ाने के लिए अध्यापकों को उत्साहित किया था और इसी के चलते अब साइंस अध्यापकों ने स्कूल मुखियों के सहयोग से विभिन्न कक्षाओं के बच्चों को साथ लेकर विज्ञान पार्क तैयार करने शुरू कर दिए हैं। 

खेल-खेल में विज्ञान को समझना आसान

 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल थरीके की साइंस टीचर रपविंदर कौर ने कहा कि अब सरकार ने बच्चों में साइंस के प्रति रुचि पैदा करने के लिए साइंस पार्क तैयार करवाने शुरू किए हैं। राज्य के कई स्कूलों में ऐसे पार्क बनकर तैयार हो चुके हैं। इन पार्को में बच्चे खेल-खेल में विज्ञान के प्रयोगों को समझ सकेंगे। उन्होंने अपने स्कूल के साइंस पार्क में वेस्ट मटीरियल यानि टीन, टूटे-बेंचों, खिड़कियों के फ्रेम, पानी की फालतू पाइप, पुराने टायरों से कई मॉडल तैयार किए हैं।

साइंस पार्को में बने हैं ये मॉडल

मॉडल आफ डीएनए विंड मिल, पिन होल कैमरा, न्यूटन क्रेडल साउंड पाइप न्यूटन डिस्क पैरीस्कोप सोलर कूकर प्रेशर मॉडल साइंस पार्क में बनाए आठ मॉडल : मंजू भारद्वाज सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल की पि्रंसिपल मंजू भारद्वाज ने बताया कि उनके स्कूल में पंजाब में सबसे पहला साइंस पार्क बना था, जिसमें आठ मॉडल बनाए गए हैं। इसमें साइंस टीचरों रमनदीप सिंह, निशा छाबड़ा, मनप्रीत कौर व प्रिंसिपल का पूरा टीम वर्क है। स्कूल में साइंस पार्क बनने के कारण बच्चों की साइंस विषय के प्रति बहुत रुचि बढ़ गई है और साइंस की बारीकियों को आसानी से समझ लेते हैं।

डॉक्टर, इंजीनियर के साथ अच्छा नागरिक बनेंगे विद्यार्थी

 साइंस विषय के स्टेट को-ऑर्डिनेटर राजेश जैन ने बताया कि वर्ष 2014 में पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने पाठ्य पुस्तकें तो बदल दी थीं, लेकिन पढ़ाने का तरीका नहीं बदला था। ऐसे में कई सर्वे, मेले, कैंप लगाने के बाद निष्कर्ष निकला कि बच्चों की पढ़ाई को डे टू डे लाइफ के साथ लिंक कर हर विषय को आसानी से समझाना, ताकि वे विषय को चाहे प्रोफेशन के तौर पर न अपनाएं, लेकिन एक अच्छा नागरिक बनने के योग्य हो जाएं। विद्यार्थियों का दिमाग क्राफिंटग नजरिए से हर काम को करने के योग्य हो जाए, जिसमें अब साइंस पार्क अहम भूमिका निभा रहे हैं।

सूबे के साइंस पार्क बनाने के लिए मिला फंड

पढ़ो पंजाब पंजाब पढ़ाओ के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर अमरजीत सिंह रौली ने बताया कि सूबे के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल व सेल्फ मेड स्किलों में भी साइंस पार्क बन रहे हैं और साइंस पार्क बनाने के लिए स्कूलों के प्रति स्कूल 25 हजार रुपये दिए गए हैं ताकि वे बच्चों के लिए साइंस विषय को आसान बनाने के लिए साइंस पार्क बनाएं।