एसटीएफ ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफार्श किया है, जो कैंसर की अंतिम स्टेज के मरीजों की मौत को सड़क हादसे में दिखाकर बीमा का क्लेम लेता था। एसटीएफ के डीएसपी राहुल देव ने इसके मास्टरमाइंड पवन भाैरिया समेत तीन लोगों को गुरुवार देर शाम सोनीपत-रोहतक मार्ग से गिरफ्तार किया है।


इस गैंग मंे 15 लोग काम करते हैं। भारती एक्सा बीमा कंपनी के पास पिछले चार माह में ऐसे 8 मामले सामने आए, जिनमें क्लेम लेने के लिए कहानी का प्लॉट एक जैसा था। इसमें कैंसर के लास्ट स्टेज के मरीज को हादसे में मौत का शिकार दिखाया जाता था, फिर कंपनी से 30 लाख रुपए प्रति मरीज क्लेम मांगा गया।

बीमा कंपनी ने इसकी शिकायत डीजीपी क्राइम से की। एसटीएफ ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार देर रात दो बीमा कंपनियों बजाज बीमा और एचडीएफसी लाइस इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी एसटीएफ थाना सोनीपत पहुंचे। इन्होंने कई केसों की जानकारी देते हुए बताया कि इनके साथ भी धोखाधड़ी हुई है।

एक कैंसर पीड़ित का बीमा 5 से 6 कंपनियों से करा देते थे :
पुलिस के अनुसार, गिरोह सरगना सेवली निवासी पवन भौरिया पेशे से वकील था। वकालत का धंधा नहीं  तो  15 सदस्यीय गैंग बनाया। गैंग कैंसर के अंतिम स्टेज में पहुंच चुके मरीजों के परिजनों से सेटिंग करता था। ये मरीज का 20 से 30 लाख रु. का बीमा कराते थे। प्रीमियम भी खुद भरते थे। जब कैंसर के मरीज की मौत हो जाती, तो परिजनों की मदद से इसे सड़क हादसा दिखाकर बीमा का क्लेम लेते थे। गिरोह अब तक ऐसे 100 क्लेम ले चुका है। धोखाधड़ी का खेल साल 2016 से चल रहा था। आरोपी कैंसर पीड़ित का बीमा पांच से छह कंपनियों से करा देते थे। मरीज के परिजनों को वे बीमे की 30-35% राशि ही देते थे।