प्रियंका चतुर्वेदी आखिरकार कांग्रेस का दामन छोड़कर शिवसेना में शामिल हो गईं. इससे पहले उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए थे. इसी को वजह बताते हुए उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी. हालांकि, वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक राशिद किदवई चुनावी मौसम में प्रियंका चतुर्वेदी की नाराजगी की वजह कुछ और बताते हैं. उनका कहना है कि प्रियंका के शिवसेना में शामिल होने की बात पिछले 15 दिनों से चल रही थी. दरअसल, उत्तरी मुंबई से टिकट न मिलने की वजह से वह कांग्रेस से नाराज थीं. बता दें कि कांग्रेस ने उत्तरी मुंबई से बॉलीवुड स्टार उर्मिला मातोंडकर को उम्मीदवार घोषित किया है.

राशिद किदवई ने बताया कि प्रियंका चतुर्वेदी की शिवसेना से काफी दिनों से बातचीत चल रही थी. मुंबई नॉर्थ सीट से कांग्रेस प्रत्याशी का ऐलान होने के बाद उन्होंने मथुरा सीट के लिए टिकट मांगा था. राशिद किदवई ने कहा कि प्रियंका का पार्टी में कोई खास योगदान भी नहीं रहा है. बता दें कि प्रियंका 2013 में कांग्रेस में शामिल हुईं थी. प्रियंका का कांग्रेस से जुड़े किसी संगठन से कभी नाता नहीं रहा.

सिंधिया ने निरस्‍त की थी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई

मथुरा में हुई घटना से नाराज प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत की थी. इसके बाद इनके खिलाफ अनुशासनात्‍मक कार्रवाई की गई थी. हालांकि, पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश के प्रभारी ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया की अनुशंसा पर इस कार्रवाई को निरस्‍त कर दिया गया था. इससे प्रियंका चतुर्वेदी काफी नाराज हो गई थीं.


बता दें कि प्रियंका कांग्रेस से नाराज थीं. बीते दिनों प्रियंका जब राफेल की एक प्रेस वार्ता करने के लिए उत्तर प्रदेश स्थित मथुरा पहुंची थीं, तो वहां कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने उनसे कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया. प्रियंका ने पार्टी के इन कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर 'गुंडा' करार दिया था. इसके बाद पार्टी ने उन कार्यकर्ताओं को निलंबित कर दिया. हालांकि बाद में उन सभी को पार्टी में वापस ले लिया गया. इससे प्रियंका काफी नाराज थी.