भोपाल । आखिरकार निजी बस ऑपरेटर्स ने बीआरटीएस कॉरिडोर में बसें चलाने पर सहमति व्यक्त कर दी है। बीसीएलएल के अधिकारी एवं निजी बस ऑपरेटर्स की बैठक के बाद जल्दी ही इसका ट्रायल शुरु हो सकता है। पूर्व में निजी बसें संचालित करने की अनुमति के बाद भी निजी ऑपरेटर रुचि नहीं ले रहे थे। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) के अधिकारियों ने 14 निजी ऑपरेटरों की बैठक ली। बीसीएलएल के सीईओ संजय कुमार ने बताया कि बीआरटीएस में चार्टर्ड और सूत्र सेवा की 28 से अधिक बसें सफलता पूवर्क संचालित हो रही हैं। कॉरीडोर में ट्रैफिक जाम नहीं होने पर 5 से 8 मिनट का समय बच रहा है। ऑपरेटरों का कहना था कि बस स्टॉप के पास यदि कोई बस खड़ी होती है तो उनकी बसें कैसे निकल पाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि बस स्टॉप आगे पीछे बनें है, इसलिए क्रॉसिंग की समस्या नहीं होगी। आखिर में बस ऑपरेटर्स द्वारा बस संचालन की सहमति दी गई। पहले ट्रायल के रूप में इंटरसिटी बसों का संचालन बीआरटीएस कॉरीडोर के अंदर किया जाएगा। ट्रायल सफल होने पर उनके द्वारा नियमित रूप से बीआरटीएस कॉरीडोर में सिटी बसों का संचालन किया जाएगा।
     बैठक में श्रीनाथ ट्रेवल्स , भोपाल टे्रवल्स, साईंनाथ ट्रेवल्स, गीतांजली दीप ट्रेवल्स सहित अन्य बस संचालक व संबंधित एजेंट शामिल हुए। सीईओ ने बताया कि कॉरीडोर के अंदर इंटरसिटी बसों को सशर्त संचालन की अनुमति प्रदान कर दी गई है। निजी बसों के लिए शर्त है कि वे ओवरटेक नहीं करेंगे। बस स्टॉप या क्रॉसिंग पर कहीं यात्रियों को उतारा या चढ़ाया नहीं जाएगा। कट प्वाइंट पर दुर्घटना संभावित जगह पर विशेष ध्यान रखा जाएगा। बैठक में ऑपरेटरों ने बताया कि आईएसबीटी में खड़ी होने वाली बसों में रात के समय कुछ अनाधिकृत लोग सामान चोरी कर रहे हैं। इस पर सीईओ संजय कुमार के साथ ऑपरेटरों ने निरीक्षण भी किया। यहां निगरानी बढ़ाने पर सहमति बनी। बता दें कि वर्तमान में चार्टर्ड व सूत्रसेवा की बसें ही संचालित हो रही हैं। जो लालघाटी से बैरागढ़ वाले हिस्से में चलती हैं। जबकि बीआरटीएस कॉरीडोर बैरागढ़ से मिसरोद तक है। बताया जा रहा है कि निजी ऑपरेटर यात्रियों को सुविधा देने के लिए कई जगह से यात्रियों को बैठाते और उतारते हैं, इसलिए वे कॉरीडोर में चलने में रुचि नहीं ले रहे हैं।