राजकोट. यदि कोई महिला सुबह 7 बजे संतान को जन्म देती है और 6 घंटे बाद नवजात को लेकर मतदान करने पहुंच जाती है, तो इसे क्या कहेंगे आप? यह दृश्य मंगलवार को गोंडल रोड पर रमणीक कुंवर बा हाईस्कूल में देखने को मिला। मतदान के बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कर दिया गया।


बच्चा अपना अधिकार समझे, इसलिए किया मतदान
एक बच्ची की मां मानसी दीपक डोडिया दूसरी संतान को जन्म देने के लिए सुबह 4 बजे हॉस्पिटल में भर्ती हुई। 7 बजे उसने बेटे को जन्म दिया। एम.कॉम तक पढ़ी मानसी यह मानती हैं कि चुनाव तो देश का भविष्य तय करते हैं। मताधिकार से ही सही व्यक्ति के हाथों में सत्ता सौंपते हैं। मेरा बेटा अभी से ही अपने अधिकार को समझे, यह जरूरी है।


वोट देने की मनोकामना फलीभूत हुई
मैंने तो पहले ही तय कर रखा था कि वोट तो अवश्य दूंगी। भले ही डिलीवरी के पहले या बाद में। परंतु विधाता को कुछ और ही मंजूर था। सुबह 7 बजे बेटे को जन्म दिया और 1 बजे डॉक्टर से अनुमति लेकर मतदान केंद्र पहुंच गई। मेरी इस जिद को मेरे परिवार वालों ने सहजता से स्वीकार किया। उनके सहयोग के बिना मैं मतदान नहीं कर पाती।